पटना शिक्षक सीट पर RJD के डॉ संजीव कुमार जीते, BJP के नवल किशोर यादव का 30 साल पुराना किला ढहा

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत के बाद राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने इसे शिक्षक समाज की जीत बताया है. 
 

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत के बाद राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने इसे शिक्षक समाज की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि अधर्म पर धर्म की जीत हुई है. इस जीत के लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों को धन्यवाद दिया. डॉ. संजीव ने कहा कि उनके साथ जुड़े सभी लोगों का सहयोग अभूतपूर्व रहा है. उनके सहयोग के बिना इतनी बड़ी जीत संभव नहीं थी.

पूरा सल्तनत पीछे लगा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद किला फतह किया है. यह बहुत बड़ी जीत है. मैं अपने सभी सहयोगियों को दिल की गहराई से धन्यवाद देता हूं.'

डॉ. संजीव कुमार सिंह ने चुनाव के दौरान सत्ता और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब लोगों में फ्रस्ट्रेशन होता है तो सत्ता में बैठे लोग पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल करते हैं. इस चुनाव में सभी लोगों ने देखा कि किस तरह पूरी सल्तनत से लड़ाई लड़कर उन्होंने जीत हासिल की है. उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी जीत है और आने वाले समय में बिहार में एक नया राजनीतिक समीकरण तैयार करेगी. यह तीन जिलों का चुनाव था और सभी लोगों ने मिलकर पूरी मजबूती से लड़ाई लड़ी, जिसका परिणाम अच्छा आया है

जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार सिंह ने शिक्षकों से किए गए वादों को पूरा करने का भी भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान शिक्षक समाज के लिए उन्होंने जो वादे किए थे, उन्हें ईमानदारी और मजबूती के साथ पूरा करने की कोशिश करेंगे. शिक्षकों की आवाज को सदन में मजबूती से उठाएंगे और सरकार को शिक्षकों के हित में काम करने के लिए बाध्य करेंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मुद्दों को लेकर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

डॉ. संजीव ने चुनाव में फर्जी मतदाताओं के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने फर्जी वोटरों को हटवाया था और करीब 6,000 मतदाताओं के नाम कटवाए थे. नवल किशोर यादव को मिले वोटों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें जितने वोट मिले, उनमें फर्जी वोटों का सहारा था. उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक स्थिति में नवल किशोर यादव इतने वोट पाने के हकदार भी नहीं थे.

चुनाव के दौरान बार-बार उनकी जमानत जब्त होने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब नतीजे के बाद सवाल उठता है कि आखिर किसकी जमानत जब्त हुई. इस चुनाव के लिए तीन-तीन कमिश्नरों को बदल दिया गया. यह बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक एमएलसी चुनाव में मुख्यमंत्री से लेकर पूरी सरकार के मंत्री तक लगे हुए थे. मैं 800 से अधिक मतों से चुनाव जीता

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि पिछले करीब 30 वर्षों से इस सीट पर प्रो. नवल किशोर यादव का प्रभाव रहा था. भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव लगातार पांच बार जीत दर्ज करने के बाद छठी बार सदन पहुंचने की कोशिश में चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन इस बार राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी और पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने उन्हें कड़ी टक्कर देते हुए पराजित कर दिया.