‘समृद्धि यात्रा’ से विकास को रफ्तार: बेगूसराय और शेखपुरा को ₹480 करोड़ से ज्यादा की सौगात, महिलाओं को भी बड़ा आर्थिक संबल

 
Bihar Political News: JDU के मीडिया पैनलिस्ट मधुरेंदु पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ बिहार में विकास के नए मॉडल की झलक है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य में संतुलित और जवाबदेह विकास की सोच को जमीन पर उतारने की पहल है।

डॉ. पांडेय के अनुसार मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान बेगूसराय और शेखपुरा बिहार जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा कर यह संदेश दिया कि सरकार अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच पर जोर दे रही है।

बेगूसराय को ₹274 करोड़ की विकास योजनाएं

समृद्धि यात्रा के दौरान बेगूसराय जिले को करीब ₹274 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात मिली। इस दौरान कुल 400 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें लगभग ₹165 करोड़ की लागत से 211 योजनाओं का उद्घाटन और ₹109 करोड़ की लागत से 189 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

डॉ. पांडेय ने कहा कि बेगूसराय को औद्योगिक और कृषि क्षमता के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

जीविका मॉडल से महिलाओं को आर्थिक मजबूती

समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया। इस मौके पर 9715 जीविका स्वयं सहायता समूहों को करीब ₹578.09 करोड़ की बैंक ऋण सहायता का सांकेतिक चेक भी प्रदान किया गया।

उन्होंने कहा कि यह पहल दिखाती है कि बिहार की महिलाएं अब सिर्फ बचत समूहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बन चुकी हैं।

शेखपुरा को भी मिली विकास की बड़ी सौगात

यात्रा के दौरान शेखपुरा बिहार जिले को भी करीब ₹206 करोड़ की विकास योजनाएं मिलीं। यहां 316 परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ किया गया। इनमें ₹62 करोड़ की 196 योजनाओं का उद्घाटन और ₹144 करोड़ की 120 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इसके साथ ही 5026 जीविका स्वयं सहायता समूहों को कुल ₹50 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी।

डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने कहा कि जीविका मॉडल आज बिहार में सामाजिक परिवर्तन, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा माध्यम बन चुका है, जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक आंदोलन का रूप दे दिया है।