Santosh Suman on Rahul Gandhi: संतोष सुमन का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- भाषा में परिपक्वता लाएं, तभी मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा पाएंगे

 

 

 Political news: बिहार सरकार में मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख संतोष कुमार सुमन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए उन्हें राजनीतिक भाषा में संयम और परिपक्वता लाने की सलाह दी है। गयाजी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल और दलितों की स्थिति को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा।

संतोष सुमन ने कहा कि राहुल गांधी के परिवार ने लंबे समय तक देश की सत्ता संभाली है। ऐसे में उन्हें मौजूदा सरकार पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस के शासनकाल के रिकॉर्ड पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के लंबे शासन के दौरान गरीबों और दलितों की समस्याएं बनी रहीं।

कांग्रेस के शासनकाल पर उठाए सवाल

मंत्री ने राहुल गांधी से सवाल किया कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में कितने दलितों को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया और महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं जिम्मेदार पदों पर दलित समाज को कितना प्रतिनिधित्व मिला।

उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस के शासनकाल और उस दौरान गरीब तथा वंचित वर्गों की स्थिति से परिचित है। उनके मुताबिक, आज विपक्ष में बैठकर सरकार पर सवाल उठाने वालों को अपने अतीत का भी मूल्यांकन करना चाहिए।

रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का किया जिक्र

संतोष कुमार सुमन ने केंद्र और एनडीए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट समेत विभिन्न योजनाओं को युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने वाला कदम बताया।

मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। उन्होंने इसे विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

‘विपक्ष की भूमिका जिम्मेदारी वाली’

राहुल गांधी की भाषा को लेकर संतोष सुमन ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसकी भूमिका बेहद जिम्मेदारी वाली होती है। विपक्षी नेताओं को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन बयान देते समय राजनीतिक मर्यादा और गंभीरता का ध्यान रखना भी जरूरी है।

उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपनी भाषा और राजनीतिक दृष्टिकोण में परिपक्वता लाने की आवश्यकता है। संतोष सुमन के मुताबिक, राहुल गांधी अगर अपनी राजनीतिक शैली में गंभीरता और परिपक्वता लाते हैं, तभी वे एक मजबूत और प्रभावी विपक्ष की भूमिका बेहतर तरीके से निभा पाएंगे।

मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र की नीतियों और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज है। राहुल गांधी को लेकर संतोष सुमन की टिप्पणी ने बिहार की सियासत में भी राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है।