MDM में छिपकली मिलने पर हड़कंप! हेडमास्टर सस्पेंड, 3 रसोइयों पर भी गिरी गाज

Bihar Education Dept: सहरसा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में कथित तौर पर छिपकली मिलने और 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित किया गया है, जबकि तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है.
 

Bihar Education Dept: बिहार के सहरसा जिले में मध्याह्न भोजन (MDM) में कथित तौर पर छिपकली मिलने और इसके बाद बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। कहरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में हुई इस घटना के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, विद्यालय में भोजन तैयार करने वाले तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए सहरसा के जिलाधिकारी को त्रिस्तरीय जांच टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

MDM में कथित तौर पर मिली थी छिपकली

जानकारी के अनुसार, विद्यालय में मध्याह्न भोजन परोसे जाने के दौरान खाने में कथित तौर पर छिपकली मिलने की बात सामने आई थी। घटना के बाद करीब 25 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।

144 स्कूलों में हुई थी भोजन की आपूर्ति

जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा की रिपोर्ट के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से जिले के 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी।

इस आपूर्ति से जुड़े सभी 144 विद्यालयों के विपत्र की राशि में कटौती की गई है। विभाग ने भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है।

तीन सदस्यीय नहीं, त्रिस्तरीय जांच टीम गठित करने का निर्देश

मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा मंत्री ने सहरसा के डीएम को त्रिस्तरीय जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया है। जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके अलावा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर भी स्पष्टीकरण की कार्रवाई की गई है। जिला पदाधिकारी को जांच पूरी कर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों की लापरवाही मिली तो उन पर भी होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक को पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी करने का निर्देश दिया है। जांच में यदि भोजन की आपूर्ति, गुणवत्ता, निगरानी या फॉलो-अप में किसी पदाधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग सख्त

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्याह्न भोजन योजना के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।

फिलहाल मामले में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि भोजन की गुणवत्ता में चूक किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।