सीमांचल पर सख्त संदेश: पूर्णिया पहुंचे अमित शाह, सीमा सुरक्षा और मानव तस्करी पर बड़ा एक्शन प्लान
गृह मंत्री का यह दौरा सीमांचल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नेपाल और बांग्लादेश सीमा से जुड़े इलाकों में घुसपैठ और तस्करी की चुनौतियों को देखते हुए इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
आंतरिक सुरक्षा पर कड़ा रुख
गृह मंत्री के दौरे के बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने भी राज्य की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। विशेष रूप से बच्चा चोरी की अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ सभी जिलों को अलर्ट किया गया है।
पुलिस को निर्देश दिया गया है कि किसी भी अफवाह का तत्काल सत्यापन कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों में भय का माहौल न बने।
गुमशुदा बच्चों के आंकड़े और कार्रवाई
बिहार पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में 14,699 बच्चों के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें से 7,772 बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है, जबकि शेष 6,927 मामलों की गहन समीक्षा जारी है।
सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के तहत पूर्णिया एयरपोर्ट पर मानव व्यापार निरोध इकाई (AHTU) के गठन का प्रस्ताव भी है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
‘Mission Vatsalya’ से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
राज्य में बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘मिशन वात्सल्य’ पोर्टल के माध्यम से 1,196 थानों को ऑनलाइन जोड़ा गया है। यहां गुमशुदा बच्चों का डेटा रियल-टाइम अपडेट किया जाता है। हर थाने में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की गई है और जिला स्तर पर विशेष किशोर पुलिस इकाई इसकी निगरानी कर रही है।
नागरिकों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध सूचना पर कानून को अपने हाथ में न लें। आपात स्थिति में डायल 112 या नजदीकी थाने को तुरंत सूचित करें।
अमित शाह का यह दौरा साफ संकेत देता है कि सीमांचल की सुरक्षा, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और घुसपैठ पर नियंत्रण केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। माना जा रहा है कि इससे सीमा क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और विकास की दिशा में नई ऊर्जा मिलेगी।