प्रीम कोर्ट ने सम्राट चौधरी को दी बड़ी राहत, चुनाव अयोग्यता पर दायर याचिका को किया खारिज- कहा “न्यायालय का समय बर्बाद न करें”

बिहार चुनाव के आखिरी चरण से ठीक पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के खिलाफ दाखिल याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। हैदराबाद के एक निवासी ने सम्राट चौधरी पर उम्र और जन्मतिथि को लेकर हलफनामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।
 

Bihar Election 2025: बिहार में चुनावी माहौल अब अपने चरम पर है। रविवार को प्रचार प्रसार का शोर थम चुका है और अब सबकी निगाहें कल यानी 11 नवंबर को होने वाले आखिरी चरण के मतदान पर टिकी हैं। इस बीच राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है- सुप्रीम कोर्ट ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चुनाव में अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

हैदराबाद के एक निवासी द्वारा दायर इस याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि “न्यायालय का समय राजनीतिक मंशा के लिए बर्बाद न करें।” अदालत ने कहा कि इस मामले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया है, इसलिए याचिका को सिरे से खारिज किया जाता है।

क्या थे आरोप?

याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि सम्राट चौधरी ने वर्षों से अलग-अलग हलफनामों में उम्र और जन्मतिथि को लेकर गलत जानकारी दी है। आरोप लगाया गया कि 1995 में आपराधिक मामले के दौरान उन्होंने खुद को 15 साल का बताया, जबकि 1999 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 25 वर्ष से अधिक उम्र लिखी। आगे 2020 और 2025 के चुनावी हलफनामों में भी कथित तौर पर उम्र का अंतर पाया गया। याचिकाकर्ता ने सम्राट चौधरी का नामांकन रद्द करने, एफआईआर दर्ज करने और चुनाव आयोग से जांच कराने की मांग की थी।

बीजेपी ने फैसले को बताया ‘सत्य की जीत’ 

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद बीजेपी नेताओं ने राहत की सांस ली है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि “यह याचिका केवल राजनीतिक लाभ के लिए दायर की गई थी। कोर्ट ने सत्य की जीत और न्याय की प्रतिष्ठा दोनों को बरकरार रखा।” वहीं सम्राट चौधरी समर्थकों ने फैसले को “जनता के विश्वास की जीत” बताया है।

अब सबकी नजरें मतगणना पर
बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में अब केवल मतदान की प्रक्रिया बाकी है। सोमवार यानी 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इसके बाद 14 नवंबर को मतगणना के नतीजे सामने आएंगे और तय होगा कि बिहार की सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाती है।