बिहार विधान मंडल के अध्ययन दौरे पर आए तेलंगाना विधान मंडल दल ने विधानसभा अध्यक्ष से की शिष्टाचार मुलाकात

Patna: इससे पूर्व दिन के मध्याह्न 12 बजे बिहार विधान सभा के वाचनालय में आगत अध्ययन दल की बैठक बिहार विधान सभा के प्रभारी सचिव एवं सचिवालय के वरीय पदाधिकारियों के साथ हुई. बैठक में तेलंगाना विधान सभा सचिवालय एवं तेलंगाना विधान परिषद् सचिवालय के प्रस्तावित विभाजन की प्रक्रिया
 

Patna: तेलंगाना विधान मंडल के अध्ययन दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की. इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष ने आगत दल के सभी सदस्यों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया.

तेलंगाना विधान परिषद् के सचिव डॉ० वी० नरसिम्हा चारयुलू एवं तेलंगाना विधान सभा के सचिव आर० थिरूपति के नेतृत्व में आए इस अध्ययन दल का उद्देश्य बिहार विधान मंडल की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करना था.

इससे पूर्व दिन के मध्याह्न 12 बजे बिहार विधान सभा के वाचनालय में आगत अध्ययन दल की बैठक बिहार विधान सभा के प्रभारी सचिव एवं सचिवालय के वरीय पदाधिकारियों के साथ हुई. बैठक में तेलंगाना विधान सभा सचिवालय एवं तेलंगाना विधान परिषद् सचिवालय के प्रस्तावित विभाजन की प्रक्रिया, साथ ही बिहार विधान सभा एवं परिषद् सचिवालयों की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई.

अध्ययन दल ने बिहार विधान सभा द्वारा विगत वर्षों में सफलतापूर्वक आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन तथा सीपीए भारतीय प्रक्षेत्र सम्मेलन के आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और अनुभवों की भी जानकारी प्राप्त की। बैठक के दौरान बिहार विधान सभा एवं विधान परिषद् सचिवालय के पृथक्कीकरण की प्रक्रिया और प्रशासनिक संरचना पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ.

बिहार विधान सभा के पदाधिकारियों ने आगत प्रतिनिधिमंडल को सभी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किया.

अध्ययन दल में शामिल रहे ये अधिकारी

आगत अध्ययन दल में तेलंगाना विधान परिषद् के सचिव डॉ० वी० नरसिम्हा चारयुलू, तेलंगाना विधान सभा के सचिव आर० थिरूपति, संयुक्त सचिव श्री एम० रघुमा रेड्डी, उप सचिव श्री पी० श्रीनिवास एवं श्री के० भास्कर श्रीनिवास, ओएसडी श्री एम० नागेश्वर राव, सहायक सचिव श्री पी० वी० सुनील, सभापति के ओएसडी श्री वी० गोवर्धन रेड्डी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे.

यह अध्ययन दौरा दोनों राज्यों के विधान मंडलों के बीच आपसी सहयोग, प्रशासनिक अनुभवों के आदान–प्रदान और संसदीय प्रक्रियाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.