बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू, 27 फरवरी तक चलेगी सियासी और आर्थिक जंग
सत्र के दौरान 3 फरवरी को नीतीश सरकार अपना बजट पेश करेगी। 5 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा। इसके बाद 6 से 20 फरवरी तक बजट पर सामान्य चर्चा और मतदान होगा। वहीं 14 से 26 फरवरी के बीच राजकीय विधेयक पेश किए जाएंगे और 25 से 27 फरवरी तक गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर रहेगी खास नजर
इस बार बजट सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ मानी जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपये देने का प्रावधान किया जा सकता है। ऐसे में बजट में इसके लिए जरूरी वित्तीय व्यवस्था करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।
सत्र से पहले बड़ा फैसला, विपक्ष की रणनीति बदली
बजट सत्र से ठीक 48 घंटे पहले नीतीश सरकार ने नीट छात्रा (शंभू गर्ल्स हॉस्टल) मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया। माना जा रहा है कि इससे विपक्ष को मिलने वाला बड़ा मुद्दा कमजोर पड़ गया है। अब मुख्य विपक्षी दल राजद समेत अन्य दल सदन में सरकार को घेरने के लिए नए मुद्दों की तलाश में हैं।
‘सात निश्चय-3’ रहेगा बजट का केंद्र
बिहार सरकार का बजट 2026 मुख्य रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम पर केंद्रित रहेगा। लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना किया जाए। इसके लिए हर साल कम से कम 16 प्रतिशत वृद्धि हासिल करने की योजना है। इस दिशा में गठित समिति की सिफारिशों को भी बजट में शामिल किए जाने की तैयारी है, जिससे राजस्व में करीब 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है।
नियुक्तियों के लिए भी बजट में प्रावधान
पिछले बजट के बाद राज्य में एक लाख से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं। अब नए बजट में इन कर्मचारियों के वेतन के लिए राशि का प्रावधान करना होगा। इसके अलावा वर्ष 2026 में सहकारिता क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर बहाली की योजना है, जिसका असर बजट पर साफ दिखेगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बजट सत्र के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। विधानसभा परिसर में 40 मजिस्ट्रेट, 50 पुलिस पदाधिकारी और करीब 1000 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। पूरे परिसर में त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 8 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी अलर्ट पर रखा गया है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अपनी तैनाती स्थल पर मौजूद रहें।