कांटी–मड़वन को पूर्वी अनुमंडल से जोड़ने की मांग तेज, विधायक अजीत कुमार ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में उन्होंने बताया कि कांटी और मड़वन उनके क्षेत्र के अहम प्रखंड हैं। यदि अनुमंडल मुख्यालय को मोतीपुर शिफ्ट किया जाता है तो कई पंचायतों और शहरी इलाकों के लोगों को सरकारी काम के लिए काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
लोगों को 40–50 किमी अतिरिक्त सफर की आशंका
विधायक के अनुसार सिकंदरपुर स्टेडियम के आसपास का इलाका, हरपुर लोहड़ी, नगर निगम के वार्ड 1 और 12 तथा गंडक नदी पार रहने वाले लोगों को प्रशासनिक और न्यायिक काम के लिए 40 से 50 किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी और रोजमर्रा के काम प्रभावित होंगे।
सरकार के सामने रखे दो सुझाव
अजीत कुमार ने सरकार को दो विकल्प भी सुझाए हैं। पहला, कांटी और मड़वन प्रखंड को भौगोलिक स्थिति और जनहित को देखते हुए मुजफ्फरपुर पूर्वी अनुमंडल में शामिल किया जाए।
दूसरा, यदि यह संभव नहीं हो तो कांटी और आसपास के प्रखंडों को मिलाकर कांटी में ही नया अनुमंडल बनाया जाए, ताकि लोगों को पास में ही प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकें।
विधायक ने कहा कि इस फैसले का असर जनसंख्या संतुलन, नगर निकाय सीमा और स्थानीय रोजगार पर भी पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जल्द निर्णय लिया जाए।