ऊर्जा मंत्रालय की बैठक में गूंजा सीमांचल का मुद्दा, पप्पू यादव ने पूर्णिया को ‘एनर्जी हब’ बनाने की उठाई मांग

 
Newshaat Desk: पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में बिहार, खासकर सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र की बिजली संबंधी समस्याओं को मजबूती से उठाया। चंडीगढ़ में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र में केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को भी उतना ही मजबूत बनाना जरूरी है ताकि आम लोगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके।

बैठक के दौरान सांसद ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक से मुलाकात कर पूर्णिया को ऊर्जा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र विकसित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्वी हिस्से में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत किए बिना क्षेत्रीय विकास की गति तेज नहीं हो सकती।

पप्पू यादव ने ऊर्जा क्षेत्र में दी जा रही सब्सिडी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा जैसी योजनाओं में सरकार सब्सिडी देती है, लेकिन उसका पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने मांग की कि सरकारी सहायता का प्रत्यक्ष लाभ जनता को मिले और योजनाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जाए।

सांसद ने सीमांचल और कोसी क्षेत्र की जमीनी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जैसे जिलों में हल्की बारिश या तेज हवा के बाद भी बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इसके पीछे पुराने तार, कमजोर ट्रांसमिशन नेटवर्क और जर्जर बिजली ढांचा प्रमुख कारण हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से ट्रांसमिशन लाइनों के आधुनिकीकरण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की।

बैठक में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया गया। पप्पू यादव ने कहा कि लोगों के मन में पैदा हो रही आशंकाओं को दूर करने के लिए सरकार को पारदर्शी संवाद और प्रभावी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने बिहार में जलविद्युत परियोजनाओं की संभावनाओं पर जोर देते हुए नवादा-रजौली समेत अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में हाइड्रो पावर परियोजनाएं विकसित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि यदि ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों क्षेत्रों में संतुलित निवेश किया जाए तो बिहार भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर राज्य बन सकता है।

सांसद ने कहा कि सस्ती, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली हर नागरिक का अधिकार है। सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो न केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाएं, बल्कि अंतिम उपभोक्ता तक बेहतर सेवाएं भी सुनिश्चित करें। उन्होंने भरोसा जताया कि सही योजना और निवेश के साथ बिहार देश के ऊर्जा मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है।