जदयू के खाते में जा सकता है बिहार विधान परिषद सभापति का पद, बिहार में नए समीकरण की सुगबुगाहट
Patna: बिहार में नीतीश कुमार के सत्ता से हटते ही बीजेपी ड्राइविंग सीट पर आई थी। मुख्यमंत्री समेत बिहार विधानसभा के स्पीकर और विधान परिषद के सभापति पद पर बीजेपी के नेता ही विराजमान हैं। लेकिन अब बिहार विधान परिषद में सहयोगी जदयू लीड ले सकती है। चर्चा है कि अब बिहार विधान परिषद के सभापति जदयू के कोटे से होंगे।
सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि बिहार विधान परिषद के सभापति अब जदयू के कोटे से हों, इसको लेकर बीजेपी और जदयू में सहमति भी बन गई है। जल्द ही इस ऊंचे पद पर जदयू के कोई बड़े नेता बैठे नजर आ सकते हैं। अभी बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह विधान परिषद के सभापति हैं।
इस सीट पर जदयू की तगड़ी दावेदारी के बाद से ही बात सियासी गलियारे में तैरने लगी थी कि अब बिहार विधान परिषद के सभापति जदयू कोटे से होंगे। लेकिन उस वक्त इसकी कोई पुष्टि नहीं थी। वैसे भी बिहार में मुख्यमंत्री पद बीजेपी (सम्राट चौधरी) और विधानसभा स्पीकर पद (प्रेम कुमार) बीजेपी के पास है। गठबंधन में संतुलन का तकाजा यही है कि विधान परिषद के सभापति जदयू के कोटे से हों। इस लिहाज से इस पद पर भी जदयू की दावेदारी बनती है।
इससे पहले जदयू कोटे से विधान परिषद में हारुण रशीद करीब 3 साल तक कार्यकारी सभापति रहे थे। ये तब की बात है जब बिहार में नीतीश कुमार ने महागठबंधन यानी राजद-कांग्रेस के साथ सरकार बनाई थी। वहीं अवधेश नारायण सिंह से पहले जदयू के एमएलसी देवेश चंद्र ठाकुर भी करीब 2 साल तक बिहार विधान परिषद के सभापति रहे हैं। इसके बाद उन्होंने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत कर दिल्ली चले गए।