‘RLM का अस्तित्व खत्म करने का सवाल ही नहीं’, उपेंद्र कुशवाहा ने विलय की अटकलों पर लगाया विराम
Rajgir news: राजगीर के कन्वेंशन हॉल में आयोजित तीन दिवसीय विमर्श शिविर के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के बीजेपी में विलय को लेकर चल रही अटकलों पर साफ शब्दों में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि गठबंधन की राजनीति आज जरूरी है, लेकिन इसका मतलब किसी पार्टी का अस्तित्व खत्म होना नहीं है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा एक पार्टी है और पार्टी बनी रहेगी।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में गठबंधन के बिना देश की राजनीति आगे नहीं बढ़ सकती। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही गठबंधन के साथ राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि RLM भी गठबंधन की राजनीति में पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और गठबंधन में शामिल दल एक-दूसरे का सम्मान करते हैं।
विलय की खबरों पर कुशवाहा ने साफ किया रुख
तीन दिवसीय विमर्श शिविर में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बोलते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया और कुछ मीडिया माध्यमों में RLM के विलय को लेकर चल रही चर्चाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों ऐसी खबरें सामने आईं कि पार्टी का विलय होने वाला है, यहां तक कि कुछ लोगों ने विलय की तारीख तक तय कर दी थी।
कुशवाहा ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी की ओर से RLM के विलय को लेकर कभी कोई प्रस्ताव या दबाव नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की ओर से कुछ लोगों ने सुझाव जरूर दिए थे, लेकिन सुझाव को स्वीकार करना या नहीं करना RLM का अपना फैसला था।
‘सुझाव को मानना जरूरी नहीं’
RLM अध्यक्ष ने कहा कि किसी राजनीतिक दल की ओर से कोई सुझाव दिया जाना अलग बात है और उसे स्वीकार करना अलग। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने ऐसे सुझाव को स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि गठबंधन में रहते हुए भी RLM अपने स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व के साथ काम करती रहेगी। पार्टी के अस्तित्व को लेकर कोई सवाल ही नहीं है।
गठबंधन मजबूत, लेकिन RLM की अपनी पहचान कायम
उपेंद्र कुशवाहा के बयान से साफ है कि RLM बीजेपी के साथ गठबंधन में अपनी भूमिका निभाती रहेगी, लेकिन पार्टी के विलय की कोई योजना नहीं है। राजगीर में आयोजित तीन दिवसीय विमर्श शिविर से उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच भी पार्टी के स्वतंत्र अस्तित्व को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।
कुशवाहा का संदेश साफ रहा- गठबंधन अपनी जगह है और RLM का राजनीतिक अस्तित्व अपनी जगह।