बिहार के हित में नदी जल बंटवारे पर तीन बड़े फैसले: मंत्री विजय चौधरी का बड़ा बयान, इंद्रपुरी जलाशय योजना को मिलेगी रफ्तार
Bihar: बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने शुक्रवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नदी जल बंटवारे को लेकर लिए गए तीन बड़े फैसलों की जानकारी दी। यह निर्णय रांची में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए, जिसे बिहार के हित में अहम माना जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इन फैसलों से न सिर्फ इंद्रपुरी जलाशय योजना को गति मिलेगी बल्कि बंगाल और बिहार के बीच लंबित परियोजनाओं को भी नई दिशा मिलेगी। साथ ही नदियों में लगातार बढ़ती गाद (सिल्ट) की समस्या से निपटने के लिए भी ठोस पहल तय की गई है।
तीन बड़े फैसले जो बिहार के लिए अहम माने जा रहे हैं:
1. सोन नदी के जल बंटवारे पर विवाद सुलझा:
- इंद्रपुरी बराज को लेकर बिहार और अन्य राज्यों के बीच जारी विवाद का समाधान हो गया है।
- इससे इंद्रपुरी जलाशय योजना को अब नई गति मिलेगी।
2.बंगाल में फुलवरिया ब्रांच परियोजना को मिली मंजूरी:
- लंबे समय से अटकी फुलवरिया ब्रांच परियोजना अब आगे बढ़ेगी, जिससे बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सिंचाई को लाभ मिलेगा।
3. नदियों से गाद हटाने को लेकर केंद्र की बड़ी पहल:
- गाद प्रबंधन (Silting Management) को लेकर केंद्र सरकार अब राष्ट्रीय नीति लाएगी।
- बिहार की नदियों में हर साल आने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या पर यह नीति कारगर मानी जा रही है।
बिहार-झारखंड पेंशन विवाद पर भी आया अपडेट
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री विजय चौधरी ने बिहार और झारखंड के बीच पेंशन विवाद पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने एक समिति गठित की है, जिसकी रिपोर्ट 15 अगस्त तक आने की संभावना है। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”
क्यों अहम हैं ये फैसले?
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार,
- इंद्रपुरी जलाशय योजना से दक्षिण बिहार के दर्जनों जिलों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।
- गाद हटाने की नीति लागू होने से हर साल बाढ़ से होने वाले फसल और जनधन के नुकसान में भारी कमी आ सकती है।
- फुलवरिया ब्रांच योजना से दोनों राज्यों के बीच जल विवाद भी कम होंगे।
राजनीतिक संदेश भी साफ
विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसले आने वाले महीनों में जल संसाधन को लेकर बिहार की राजनीतिक स्थिति मजबूत करेंगे और केन्द्र-राज्य समन्वय को नई दिशा देंगे।