दिल्ली में कांग्रेस की समीक्षा बैठक में हंगामा, दो हारे हुए प्रत्याशी भिड़े—गाली-गलौज से लेकर जान से मारने की धमकी तक मामला गर्माया

 

Political news: बिहार विधानसभा चुनाव में भारी हार के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को दिल्ली में समीक्षा बैठक बुलाई थी। लेकिन यह बैठक चर्चा से ज्यादा बवाल के लिए सुर्खियों में आ गई। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में दो हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवार इस कदर भिड़ गए कि माहौल गाली-गलौज से होते हुए हाथापाई और फिर जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया। स्थिति बिगड़ती देख सांसद तारिक अनवर को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों को अलग कर मामला शांत किया गया।

समीक्षा बैठक में बवाल, 61 उम्मीदवार हुए थे तलब

कांग्रेस की हार के कारणों को समझने के लिए 61 उम्मीदवारों को गुरुवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में बुलाया गया था। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे अलग-अलग कमरों में बैठे और प्रत्याशियों से 10-10 के समूह में मुलाकात कर फीडबैक लिया। नेताओं ने टिकट वितरण, गठबंधन की रणनीति, सीट बंटवारे और चुनाव तैयारियों जैसे मुद्दों पर उम्मीदवारों से विस्तृत जानकारी मांगी।

‘बाहरी उम्मीदवार’ को लेकर विवाद, दो प्रत्याशियों में झड़प

सूत्रों के अनुसार विवाद तब भड़का जब इंजीनियर संजीव सिंह ने कांग्रेस की हार के लिए “बाहरी उम्मीदवारों को टिकट देने” को जिम्मेदार बताया। इस पर जितेंद्र यादव ने आपत्ति जताई और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आरोप है कि बहस बढ़ते-बढ़ते धमकी तक पहुंच गई और दोनों ने एक-दूसरे से कहा—“बिहार चलो, वहां देख लेंगे।” यहां तक कि गोली मारने की धमकी तक की बात सामने आई।

तारिक अनवर ने लगाई फटकार

हंगामे के बाद सांसद तारिक अनवर ने दोनों नेताओं को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पार्टी में आना-जाना चलता रहता है, लेकिन इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक शुरू होने से पहले ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिस पर शीर्ष नेतृत्व ने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

संजीव सिंह ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

मीडिया में खबरें फैलने के बाद इंजीनियर संजीव सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप गलत और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने साफ किया कि न तो उन्होंने किसी को धमकी दी और न ही किसी तरह का विवाद किया, और पूरी घटना को अफवाह बताया।

उम्मीदवारों ने फ्रेंडली फाइट को बताया हार का कारण

समीक्षा बैठक में कई उम्मीदवारों ने माना कि कई सीटों पर महागठबंधन के भीतर ‘फ्रेंडली फाइट’, सीट बंटवारे में देरी, राजद के साथ तालमेल से हुए नुकसान और चुनाव से ठीक पहले नीतीश सरकार द्वारा महिलाओं को 10-10 हजार रुपये देने की घोषणा ने कांग्रेस के प्रदर्शन को कमजोर किया।

समीक्षा बैठक में हुआ यह बवाल कांग्रेस के भीतर मौजूद अंतर्कलह की ओर इशारा करता है, जिसे पार्टी को आगे की रणनीति बनाते समय गंभीरता से सुलझाना होगा।