बिहार के दिग्गज नेता नंद किशोर यादव बने नागालैंड के राज्यपाल, कोहिमा में ली पद और गोपनीयता की शपथ

पटना की राजनीति से राजभवन तक का सफर; सात बार विधायक रहे नेता अब संभालेंगे नागालैंड की संवैधानिक जिम्मेदारी
 
Bihar political News: बिहार की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव ने शुक्रवार को नागालैंड के 23वें राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली। कोहिमा स्थित लोक भवन में आयोजित सादे समारोह में आशुतोष कुमार, जो गौहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं, ने उन्हें शपथ दिलाई।

इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री नीफियू रियो, उपमुख्यमंत्री यंथुंगों पत्तों और T. R. Zeliang समेत कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बलों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन राज्य के मुख्य सचिव J. आलम (या संबंधित अधिकारी) द्वारा किया गया।

बिहार की राजनीति का मजबूत चेहरा

नंद किशोर यादव बिहार में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने 1995 में पटना पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से पहली बार जीत दर्ज कर राजनीति में मजबूत पहचान बनाई।

इसके बाद 2000, फरवरी 2005, अक्टूबर 2005, 2010, 2015 और 2020 में भी लगातार जीत हासिल करते हुए वे सात बार विधायक चुने गए।

कई अहम विभागों की जिम्मेदारी

अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने बिहार सरकार में सड़क निर्माण, पर्यटन और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के कारण पार्टी और सरकार दोनों में उनका महत्वपूर्ण स्थान रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष भी रहे

2020 में बनी विधानसभा में उन्हें Bihar Legislative Assembly का अध्यक्ष बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने सदन की कार्यवाही को सुचारु ढंग से चलाने और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

अब नागालैंड की नई जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने उनके लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया। उनके इस नए दायित्व को बिहार भाजपा के लिए गर्व का विषय बताया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चार दशकों के राजनीतिक अनुभव के साथ नंद किशोर यादव अब नागालैंड में भी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।