विजय सिन्हा का तेजस्वी पर निशाना! बोले- ‘जाति-धर्म नहीं, समाज की बात हो’, सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वाले से क्या उम्मीद?

Gaya: बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में जाति और धर्म के बजाय समाज और विकास की बात होनी चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग “सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए”, उनसे आम लोगों की समस्याओं को समझने की क्या उम्मीद की जा सकती है. उनके बयान के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है.
 

Gaya: बिहार के कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने गया में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कई नेता सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं और बिना संघर्ष किए बड़े पदों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे नेता समाज को जमीनी स्तर पर नहीं समझ पाते और मंच के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश में लगे रहते हैं।

विजय सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय हो या राज्य स्तर का नेतृत्व, जो नेता समाज के सामाजिक ताने-बाने को नहीं समझते, वे आम लोगों की वास्तविक समस्याओं को महसूस नहीं कर सकते। उनके मुताबिक देश अब विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ चुका है और ऐसे नेताओं की बातों पर जनता ज्यादा ध्यान नहीं देगी।

जाति-धर्म के नाम पर राजनीति बंद होनी चाहिए

कृषि मंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश को जाति, धर्म या लिंग के नाम पर नहीं बांटा जा सकता। अब समय समाज को जोड़ने का है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'चार जातियों' वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर विकास की राजनीति होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जाति का जहर घोलने वाली राजनीति अब बंद होनी चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने और 'सबका साथ, सबका विकास' के एजेंडे को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

“देश और प्रदेश को जाति, धर्म या लिंग के नाम पर नहीं बांटा जा सकता। समाज को जोड़ने का वक्त आ गया है। अब सिर्फ जनता की बात होगी और सबका साथ, सबका विकास का नारा आगे बढ़ेगा।” — विजय सिन्हा, कृषि मंत्री

कृषि क्षेत्र में बदलाव का दावा

विजय सिन्हा ने बिहार की कृषि व्यवस्था में बड़े बदलाव का दावा करते हुए कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार तेज गति से काम कर रही है। मगध की धरती से कृषि जनकल्याण संवाद की शुरुआत की गई है। सरकार पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर किसानों को खेत से सीधे बाजार तक जोड़ने और किसान उत्पादक संगठनों यानी FPO को मजबूत करने पर जोर दे रही है।

उन्होंने कहा कि इससे छोटे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। सरकार का उद्देश्य कृषि व्यवस्था में बिचौलियों की भूमिका कम करना और किसानों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ना है।

छोटे किसानों और भूमिहीन श्रमिकों पर फोकस

कृषि मंत्री ने कृषि मजदूरों को श्रमिक का दर्जा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस श्रमिकों के उत्थान पर है। एकत्रित खेती की व्यवस्था के जरिए 10 कट्ठा, एक बीघा या डेढ़ बीघा जमीन वाले छोटे किसानों और भूमिहीन श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे अधिकारियों तक पहुंचने का अवसर दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

बीज-खाद में गड़बड़ी पर 24 घंटे में कार्रवाई का दावा

कृषि विभाग में पारदर्शिता को लेकर विजय सिन्हा ने सख्त रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बीज, खाद या किसी सरकारी योजना से संबंधित शिकायत अगर प्रमाण, नाम और स्थान की जानकारी के साथ आती है तो 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर तत्काल कमेटी गठित कर जांच और छापेमारी कराई जाएगी। पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारियों को शिकायतकर्ता के सामने बैठाकर समस्या का समाधान कराने की व्यवस्था की जाएगी।

कृषि विभाग में सुधार पर जोर

विजय सिन्हा ने कहा कि जिस तरह राजस्व विभाग की व्यवस्था में सुधार किया गया, उसी तर्ज पर अब कृषि विभाग को भी व्यवस्थित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार केवल शिकायत सुनकर कार्रवाई नहीं करती, बल्कि शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारियों को आमने-सामने बैठाकर मामले की जांच करती है।

मंत्री के मुताबिक, जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं, उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद भी अगर गड़बड़ी जारी रही तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर की समीक्षा

गया जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में विजय सिन्हा ने विष्णुपद मंदिर और महाबोधि कॉरिडोर परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं को लेकर कंसल्टेंट के साथ मास्टर प्लान, निर्माण कार्य, ट्रैफिक मैनेजमेंट, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और फल्गु नदी के घाटों के विकास पर चर्चा की जा रही है।

उन्होंने कहा कि विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर का प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 88,340.28 वर्ग मीटर है, जबकि परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,531.29 करोड़ रुपये है। मंत्री ने दावा किया कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएंगे।

राहुल गांधी के छात्र संवाद पर सियासी निशाना

गया में विजय सिन्हा का बयान ऐसे समय आया है जब राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज है। कृषि मंत्री ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए उन्हें जमीन से जुड़ी राजनीति करने की नसीहत दी।

वहीं, उनके 'सोने की चम्मच लेकर पैदा होने' वाले बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। ऐसे में विजय सिन्हा के इस बयान से बिहार की सियासत में नया राजनीतिक विवाद खड़ा होने के आसार हैं।