योगी मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, गोपनीय दौरे पर विनोद तावड़े, बंद कमरे में धर्मपाल, फोन पर चौधरी से बात

 

Bihar news: योगी मंत्रिमंडल के विस्तार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक सियासी तपिश बढ़ी हुई है। केंद्रीय नेतृत्व के दूत के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े फिर गोपनीय दौरे पर लखनऊ आए। चंद घंटों की यह यात्रा मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद से ही जुड़ी थी। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो तावड़े ने महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में लंबी चर्चा की जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी से फोन पर बात की।

उत्तरप्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी संगठन के साथ ही सरकार के खाली पदों को भी भरना चाहती है। बीते एक पखवारे से इसे लेकर हलचलें तेज हैं। लखनऊ के बाद दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने बीते दिनों प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और महामंत्री संगठन संग इसे लेकर लंबी चर्चा की थी। इसमें प्रदेश संगठन के गठन का मुद्दा भी शामिल था। फिर पंकज चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। इसके बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गईं। गत दिनों राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने इस सिलसिले को और आगे बढ़ाया। उनकी यात्रा को बेहद गोपनीय रखा गया।

पार्टी सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल विस्तार का आकार बहुत बड़ा नहीं होगा। आधा दर्जन खाली पदों को भरने के साथ ही कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है। पार्टी की सारी कवायद की जड़ में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधना है। खबर है कि तावड़े ने भी अपनी लखनऊ यात्रा में इसी मुद्दे पर चर्चा की। जिन चेहरों की ताजपोशी होनी है, ऐसे संभावित चेहरों की सूची भी तैयार है। इन्हीं नामों में से अब उन्हें सामाजिक समीकरण के सांचे में फिट बैठाने की कवायद चल रही है। इस माह के अंत तक इस कवायद के परिणाम सामने आ सकते हैं।

इस विस्तार की नींव हाल ही में दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठकों में रखी गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन की लंबी वार्ता हो चुकी है। पंकज चौधरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद यह साफ हो गया था कि आलाकमान यूपी को लेकर किसी बड़े बदलाव के मूड में है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित हो सकता है। यह विस्तार न केवल सरकार का चेहरा बदलेगा, बल्कि कार्यकर्ताओं में नया उत्साह फूंकने का काम भी करेगा।