अखिलेश यादव और राहुल गांधी को किसने बताया ‘देश का रावण', पोस्टर से पटा लखनऊ 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विजयादशमी से पहले लगाए गए ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ के पोस्टर लगाए गए हैं. 
 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विजयादशमी से पहले लगाए गए ‘भारत विरोधी दशानन रावण’ के पोस्टर लगाए गए हैं. शहर के अलग-अलग चौराहों पर लगाए गए इन पोस्टरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी समेत कई लोगों की तस्वीरें शामिल हैं. पोस्टर सनातन रक्षा संगठन की ओर से लगाए जाने की बात कही गई है. संगठन ने इन तस्वीरों के जरिए संबंधित लोगों पर भारत विरोधी गतिविधियों और देश को अस्थिर करने की कोशिशों से जुड़े आरोप लगाए हैं. हालांकि, ये संगठन के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

लखनऊ के विभिन्न इलाकों में लगाए गए पोस्टरों में अतीक अहमद को रावण के रूप में दिखाया गया है. इसके अलावा अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रशांत भूषण, एलन मस्क, इल्हान उमर, मोहम्मद यूनुस और जॉर्ज सोरोस की तस्वीरें भी शामिल हैं. पोस्टर पर 'भारत विरोधी दशानन रावण' का संदेश लिखा गया है. संगठन ने इन लोगों को देश के खिलाफ कथित गतिविधियों से जोड़ते हुए अपना विरोध जताया है.

विजयादशमी से पहले पोस्टर सामने आने के बाद राजधानी में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है

बताया गया है कि सनातन रक्षा संगठन ने लखनऊ के अलग-अलग चौराहों पर ये पोस्टर लगाए हैं. संगठन का आरोप है कि कुछ लोग भारत को अस्थिर करने की कोशिशों में शामिल हैं. पोस्टर के माध्यम से संगठन ने ऐसे लोगों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है. संगठन ने अखिलेश यादव पर भी आरोप लगाए हैं कि वह कथित तौर पर भारत में तख्तापलट की बात करने वालों के साथ मंच साझा कर चुके हैं.

हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में पोस्टर पर कोई विस्तृत प्रमाण नहीं दिया गया है.

पोस्टर में विदेशी हस्तियों और नेताओं की तस्वीरें भी लगाई गई हैं. इनमें एलन मस्क, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस और जॉर्ज सोरोस शामिल हैं. संगठन ने इन लोगों को लेकर भी विभिन्न आरोप लगाए हैं. पोस्टर में इल्हान उमर के पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जुड़े रुख, मोहम्मद यूनुस के पूर्वोत्तर भारत को लेकर कथित बयान और जॉर्ज सोरोस की गतिविधियों पर सवाल उठाए गए हैं. ये दावे संगठन के आरोपों पर आधारित हैं.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जता रहे हैं. दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल के समर्थकों और कुछ हिंदू संगठनों की ओर से इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग होने के आरोप लगाए जा रहे हैं.