बिहार में सांसद निधि खर्च करने में कौन आगे, कौन फिसड्डी? वीणा देवी टॉप पर, ललन सिंह समेत कई सांसदों का खर्च शून्य

 

NewsHaat Desk: 18वीं लोकसभा के गठन के दो साल से अधिक समय बाद बिहार के 40 लोकसभा सांसदों के सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत फंड इस्तेमाल का आंकड़ा सामने आया है। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि सांसद निधि के उपयोग को लेकर बिहार में सांसदों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर है। जहां कुछ सांसदों ने आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च किया है, वहीं कई बड़े नाम ऐसे हैं जिनके खाते में अब तक खर्च शून्य दर्ज है।

बिहार के 40 लोकसभा सांसदों के लिए कुल 599.9 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसमें से करीब 43.25 फीसदी फंड का ही उपयोग हुआ है। वहीं उपलब्ध डैशबोर्ड पर फिलहाल पूरे हो चुके कार्यों की संख्या शून्य दिखाई जा रही है।

वीणा देवी ने खर्च किए सबसे ज्यादा पैसे

MPLADS फंड के इस्तेमाल के मामले में वैशाली की सांसद वीणा देवी सबसे आगे दिखाई दे रही हैं। उन्हें 14.70 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे, जिसमें से 13.11 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस तरह उनके फंड उपयोग का प्रतिशत 89.19 फीसदी है।

इसके बाद अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह का नंबर आता है। उन्होंने 14.70 करोड़ रुपये में से 11.82 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उनका उपयोग प्रतिशत 80.46 फीसदी दर्ज है।

अन्य सांसदों में बांका के गिरिधारी यादव ने 78.10 फीसदी, सीवान की विजयलक्ष्मी देवी ने 77.26 फीसदी और झंझारपुर के रामप्रीत मंडल ने 73.14 फीसदी सांसद निधि का इस्तेमाल किया है।

60 फीसदी से ज्यादा फंड इस्तेमाल करने वालों में ये सांसद

आंकड़ों के मुताबिक बक्सर के सुधाकर सिंह ने 66.34 फीसदी, मुजफ्फरपुर के राज भूषण चौधरी ने 65.56 फीसदी और सासाराम के मनोज कुमार ने 64.62 फीसदी फंड का उपयोग किया है।

वहीं जमुई के अरुण भारती ने 62.04 फीसदी, मधेपुरा के दिनेश चंद्र यादव ने 61.63 फीसदी और किशनगंज के डॉ. मोहम्मद जावेद ने 59.91 फीसदी राशि खर्च की है।

सुपौल के दिलेश्वर कामैत का उपयोग 56.31 फीसदी, दरभंगा के गोपाल जी ठाकुर का 51.54 फीसदी और भागलपुर के अजय कुमार मंडल का 51.19 फीसदी दर्ज है। कटिहार के तारिक अनवर ने 50.96 फीसदी और खगड़िया के राजेश वर्मा ने 50.47 फीसदी फंड का इस्तेमाल किया है।

इसके अलावा पूर्णिया के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खाते में 49.40 फीसदी और काराकाट के राजा राम सिंह के खाते में 48.77 फीसदी फंड उपयोग दर्ज है।

ललन सिंह समेत कई सांसदों का खर्च शून्य

सांसद निधि के इस्तेमाल के मामले में कुछ सांसदों का प्रदर्शन बेहद कम रहा है। उपलब्ध आंकड़ों में मुंगेर के सांसद और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के खाते में अब तक MPLADS फंड से कोई खर्च दर्ज नहीं है।

ललन सिंह के अलावा मीसा भारती, राजीव प्रताप रूडी और संजय जायसवाल के खाते में भी आवंटित राशि के मुकाबले उपयोग शून्य बताया गया है।

फंड के इस्तेमाल पर उठे सवाल

MPLADS का उद्देश्य सांसदों की अनुशंसा पर उनके संसदीय क्षेत्र में स्थानीय जरूरतों से जुड़े विकास कार्यों को वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है। ऐसे में दो साल से अधिक समय बीतने के बाद फंड उपयोग में इतना बड़ा अंतर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है।

एक तरफ कुछ सांसद आवंटित राशि का 70 से 80 फीसदी से अधिक हिस्सा इस्तेमाल कर चुके हैं, तो दूसरी ओर कई सांसदों के खाते में अभी तक खर्च दर्ज नहीं होना विकास कार्यों की गति पर सवाल खड़े करता है।

हालांकि, फंड आवंटन, स्वीकृति, कार्य शुरू होने और भुगतान की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में होती है, इसलिए केवल खर्च प्रतिशत के आधार पर सांसद के पूरे विकास कार्यों का आकलन करना उचित नहीं होगा। फिर भी उपलब्ध MPLADS डैशबोर्ड के आंकड़ों ने बिहार में सांसद निधि के इस्तेमाल को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।