बिहार DGP की कुर्सी पर किसकी बारी? प्रीता वर्मा समेत कई नाम चर्चा में

Patna: बिहार के DGP विनय कुमार ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से पहले VRS ले लिया है और उन्हें राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है. उनके बाद अब बिहार में नए फुल-टाइम DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया पर नजर है. फिलहाल प्रीता वर्माकार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
 

Patna:  बिहार पुलिस को जल्द नया फुल-टाइम पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल सकता है। मौजूदा DGP विनय कुमार ने अपने निर्धारित कार्यकाल से पहले ही IPS से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने 26 सितंबर 2026 को उनका VRS तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया। इसके साथ ही उन्हें राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। 

विनय कुमार के हटने के बाद अब बिहार पुलिस के नए फुल-टाइम DGP को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। फिलहाल वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। हालांकि स्थायी नियुक्ति होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी और अंतिम चयन निर्धारित प्रक्रिया के तहत होगा। 

प्रीता वर्मा के पास DGP का अतिरिक्त प्रभार

1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को विनय कुमार के अवकाश पर जाने के बाद DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। वह बिहार होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की DG भी हैं। विनय कुमार के VRS के बाद भी नए फुल-टाइम DGP की नियुक्ति तक प्रीता वर्मा के कार्यवाहक DGP बने रहने की जानकारी सामने आई है। 

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक प्रीता वर्मा वरिष्ठता क्रम में प्रमुख नामों में शामिल हैं। यदि चयन प्रक्रिया के बाद उन्हें पूर्णकालिक DGP नियुक्त किया जाता है, तो वह बिहार की पहली महिला DGP होंगी। यह अभी संभावित स्थिति है, अंतिम नियुक्ति नहीं। 

DGP पद के लिए किन नामों की चर्चा?

मीडिया रिपोर्टों में बिहार के अगले DGP के लिए कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • प्रीता वर्मा — 1991 बैच
  • बी. श्रीनिवासन — 1992 बैच
  • जितेंद्र सिंह गंगवार — 1993 बैच
  • जितेंद्र कुमार — 1993 बैच
  • कुंदन कृष्णन — 1994 बैच

इन नामों के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी चयन प्रक्रिया के दायरे में रखे जाने की रिपोर्ट है। इसलिए अभी किसी एक अधिकारी को नया DGP तय मानना सही नहीं होगा। 

बी. श्रीनिवासन

बी. श्रीनिवासन 1992 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं और फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर NSG में DG स्तर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। DGP चयन प्रक्रिया में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति वाले अधिकारियों की उपलब्धता और बिहार लौटने की इच्छा भी महत्वपूर्ण हो सकती है। 

जितेंद्र सिंह गंगवार

1993 बैच के IPS अधिकारी जितेंद्र सिंह गंगवार बिहार पुलिस में ADG मुख्यालय, EOU और विशेष शाखा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल उनके पास DG निगरानी की जिम्मेदारी है। 

जितेंद्र कुमार

जितेंद्र कुमार भी 1993 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं। वह CID और ADG मुख्यालय समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वर्तमान में उनके पास केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी बताई गई है और DG BSAP का अतिरिक्त दायित्व भी है। 

कुंदन कृष्णन

1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन बिहार पुलिस में पटना SSP, IG और ADG मुख्यालय जैसे पदों पर काम कर चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार वर्तमान में उनके पास विशेष शाखा और STF के DG की जिम्मेदारी है। 

सिर्फ पांच अधिकारियों तक सीमित नहीं है चयन प्रक्रिया

DGP चयन के लिए तैयार की गई सूची केवल इन पांच नामों तक सीमित नहीं है। सितंबर में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार बिहार कैडर के कई DG रैंक अधिकारियों के नाम प्रक्रिया में शामिल किए गए थे। इनमें प्रीता वर्मा, बी. श्रीनिवासन, जितेंद्र सिंह गंगवार, सुनील कुमार झा, अरविंद कुमार, जितेंद्र कुमार, कुंदन कृष्णन, डॉ. परेश सक्सेना और निर्मल कुमार आजाद समेत अन्य अधिकारी शामिल बताए गए थे। 

कुछ अधिकारियों की आगामी सेवानिवृत्ति को देखते हुए उनकी पात्रता की स्थिति अलग हो सकती है। इसके अलावा 1995 और 1996 बैच के कुछ ADG स्तर के अधिकारियों के नाम भी प्रक्रिया में शामिल किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। 

कैसे होगा नए DGP का चयन?

रिपोर्टों के अनुसार बिहार सरकार ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल केंद्र को भेजा है। इसके बाद UPSC की प्रक्रिया के तहत तीन अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजे जाने की बात सामने आई है। इन्हीं नामों में से राज्य सरकार द्वारा फुल-टाइम DGP की नियुक्ति की जाएगी। 

नियमों के मुताबिक DGP पद के लिए वरिष्ठता और सेवा अवधि जैसे मानदंड महत्वपूर्ण हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों की उपलब्धता तथा बिहार लौटने की इच्छा भी अंतिम प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। 

विनय कुमार को मिली नई जिम्मेदारी

विनय कुमार ने 25 सितंबर को VRS के लिए आवेदन किया था। गृह विभाग ने तीन महीने की नोटिस अवधि की शर्त में छूट देते हुए 26 सितंबर को उनका VRS तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया। 

अब बिहार पुलिस में स्थायी DGP की नियुक्ति पर नजर है। फिलहाल प्रीता वर्मा कार्यवाहक DGP हैं, जबकि पूर्णकालिक DGP के लिए कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम चयन प्रक्रिया में चर्चा में हैं। अंतिम नाम आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।