बिहार विधानसभा में केवल हंगामा ही नहीं बल्कि ठहाके भी खूब लगे, नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र के बीच चली जुगलबंदी...
Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में उस वक्त हलचल बढ़ गई जब राजद विधायक भाई वीरेंद्र मनेर क्षेत्र में पानी में आर्सेनिक की समस्या उठा रहे थे और जवाब से असंतुष्ट दिखे, इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके अधिक कपड़े पहनने पर टिप्पणी कर दी.
जिस पर भाई वीरेंद्र ने हल्के व्यंग्य में कहा कि कपड़े आपने ही दिए हैं और समय पर दवा खाया कीजिए, इस पर सदन में ठहाके लगे और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ ठंड को लेकर चिंता जता रहे थे.
भाई वीरेंद्र ने सरकार के जवाब को भेदपूर्ण बताते हुए जांच की तारीख और पानी में आर्सेनिक की मात्रा सार्वजनिक करने की मांग की, जिस पर मंत्री ने 9 फरवरी 2026 को जांच होने की जानकारी दी और
स्पीकर ने कहा कि सरकार जवाब देने को तैयार है. लेकिन विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मंत्री को गलत जानकारी दी है और लोग प्रभावित हैं, इस दौरान स्पीकर की टिप्पणी और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया से माहौल और भी चर्चित हो गया.
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति अपना ली थी, कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और अपराध पर सरकार की चुप्पी का आरोप लगाया.
वहीं राजद विधायकों ने पोर्टिको में बैनर-पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया, जिन पर ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ’ और ‘बिहार अपराध-बेरोजगारी में नंबर वन’ जैसे नारे लिखे थे, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया.
सदन में भूमि विवाद और सर्वे को लेकर भी चर्चा हुई, मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे और अच्छे काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा.
जिस पर मुख्यमंत्री ने ताली बजाकर समर्थन जताया, वहीं कृषि मंत्री ने ग्रामीण हाटों के आधुनिकीकरण की घोषणा की, जबकि धान अधिप्राप्ति के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि कम खरीद लक्ष्य से किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं.