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TMC में बगावत का दावा: सांसदों के कथित विलय से बंगाल की राजनीति में हलचल, स्पीकर के पास पहुंचा मामला

 
TMC में बगावत का दावा: सांसदों के कथित विलय से बंगाल की राजनीति में हलचल, स्पीकर के पास पहुंचा मामला
Kolkata News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ सांसदों के एक अलग गुट द्वारा पार्टी से अलग रुख अपनाने और एक क्षेत्रीय दल के साथ विलय का दावा सामने आया। इस घटनाक्रम ने संसद से लेकर बंगाल की राजनीति तक नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, बागी रुख अपनाने वाले सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था तथा अपने गुट को मान्यता देने की मांग की है। उनका दावा है कि लोकसभा में टीएमसी के कई सांसद उनके साथ हैं। साथ ही उन्होंने खुद को पार्टी के वास्तविक प्रतिनिधि के रूप में मान्यता देने की भी अपील की है।

बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम से पहले दिल्ली में कई दौर की रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ था। बागी गुट के नेताओं का कहना है कि उन्होंने संसदीय नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय की है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात को लेकर भी है कि यह गुट एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल के साथ विलय के जरिए अपनी संसदीय स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन को समर्थन देने की संभावनाओं को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

उधर, टीएमसी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर कथित बागी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी का आरोप है कि दल-बदल संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ है और इस मामले में संवैधानिक प्रावधानों के तहत निर्णय लिया जाना चाहिए।

अब इस पूरे विवाद की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं। यदि मामला आगे बढ़ता है तो यह केवल संसदीय गणित ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। आने वाले दिनों में स्पीकर के निर्णय और दोनों पक्षों की कानूनी रणनीति इस राजनीतिक घटनाक्रम की दिशा तय करेगी।