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बिहार ने तोड़ा 74 साल का रिकॉर्ड! चुनाव आयोग की फाइनल ब्रीफिंग; एक नजर में जानें सब कुछ

 
Bihar news

Bihar political news: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने लोकतंत्र के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ते हुए ऐतिहासिक 66.91% मतदान के साथ संपन्न हुआ है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह आंकड़ा 1951 में हुए पहले चुनाव के बाद से राज्य में दर्ज किया गया सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है. इस रिकॉर्ड ब्रेकिंग मतदान की सबसे बड़ी खासियत रही महिला मतदाताओं की भागीदारी, जिन्होंने 71.6% के साथ पुरुष मतदाताओं (62.8%) को स्पष्ट रूप से पीछे छोड़ दिया. दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के बाद चुनाव आयोग ने अपनी फाइनल ब्रीफिंग दी है. इसमें वह सारी जानकारी दी गई है जो आपको जानना जरूरी है.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की निगरानी वेबकास्टिंग सुविधा के माध्यम से सभी 45,399 मतदान केंद्रों पर की गई था. वहीं, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया समेत 6 देशों के 16 प्रतिनिधियों ने इस चुनाव प्रक्रिया को देखा और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 'व्यवस्थित और पारदर्शी' बताया. हालांकि, मोकामा में हुए कांड ने इस चुनाव को और सुर्खियों में ला दिया.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने पूरे चुनाव की निगरानी वेबकास्टिंग सिस्टम के ज़रिए की. राज्य के सभी 90,740 मतदान केंद्रों पर निगरानी रखी गई. 11 नवंबर को मतदान खत्म होने के बाद आयोग से इस चुनाव संबंधी अहम जानकारी दी गई.

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इस बार महिला वोटरों की सक्रियता ने सबको चौंका दिया. जहां पहले चुनावों में पुरुष मतदाताओं की भागीदारी ज्यादा होती थी, वहीं अब महिलाएं मतदान के प्रति ज्यादा सजग और जागरूक दिखीं. विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने भारी संख्या में मतदान किया, जिससे यह बिहार का सबसे महिला-प्रेरित चुनाव (woman-inspired Bihar Election) बन गया. निर्वाचन आयोग ने एक बयान जारी कर बिहार चुनाव 2025 की पूरी जानकारी दी है.

1951 में बिहार विधानसभा चुनाव में जहां केवल 42.6% मतदान हुआ था, वहीं अब यह बढ़कर 66.91% तक पहुंच गया है. यह न सिर्फ मतदान का आंकड़ा है, बल्कि बिहार के नागरिकों की लोकतांत्रिक परिपक्वता और राजनीतिक जागरूकता का प्रमाण भी है. यह चुनाव न सिर्फ आंकड़ों के लिहाज से रिकॉर्ड बना गया, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि बिहार की जनता लोकतंत्र की असली ताकत है और इस ताकत की धड़कन अब महिला मतदाता हैं.