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फर्जी राशन कार्ड पर बड़ी चोट, शिवहर में 10 हजार अपात्र लाभार्थियों पर गिरी गाज

 
फर्जी राशन कार्ड पर बड़ी चोट, शिवहर में 10 हजार अपात्र लाभार्थियों पर गिरी गाज

Bihar news: बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिवहर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत जारी राशन कार्डों के व्यापक सत्यापन अभियान में करीब 9,997 अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। इन सभी कार्डधारकों को राशन कार्ड रद्द किए जाने से पहले अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अविनाश कुणाल की ओर से नोटिस भेजा गया है, जिससे जिले में हड़कंप मच गया है।

प्रेस वार्ता में एसडीएम अविनाश कुणाल ने बताया कि यह कार्रवाई खाद एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार से प्राप्त डाटा के आधार पर की जा रही है। सत्यापन के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी सरकारी अनुदानित राशन का लाभ ले रहे थे, जो तय मानकों के अनुसार इसके हकदार नहीं हैं।

एसडीएम के अनुसार, जिन व्यक्तियों की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक है, जिनके पास 2.50 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि, चार पहिया वाहन, या किसी निजी/सरकारी संस्थान में स्थायी नौकरी है, उन्हें राशन कार्ड के लिए अपात्र माना गया है। आधार और ई-केवाईसी के जरिए किए गए सत्यापन के बाद ऐसे लोगों के नाम लाभुक सूची से हटाए जा रहे हैं।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई कार्डधारक डबल लाभ ले रहे थे या गलत जानकारी देकर राशन कार्ड हासिल कर सरकारी खाद्यान्न का दुरुपयोग कर रहे थे। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और वास्तविक गरीब व जरूरतमंद परिवारों तक उनका हक पहुंचाना है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें 7 दिनों के भीतर वैध दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का मौका दिया गया है। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर राशन कार्ड रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार, पैन कार्ड, बैंक खाते, वाहन पंजीकरण रिकॉर्ड और पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े आंकड़ों का मिलान किया गया है।
फिलहाल शिवहर जिले में 1,49,431 सक्रिय राशन कार्ड हैं, जिनसे करीब 5,73,997 लाभुक जुड़े हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि जनवरी 2026 तक सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद जिले में वर्षों से उठ रहे फर्जी राशन कार्ड और गलत लाभ उठाने के आरोपों पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।