बिहार के 11 वरिष्ठ IPS अधिकारी जाएंगे हैदराबाद, आधुनिक पुलिसिंग और नेतृत्व कौशल की मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
Bihar News: बिहार सरकार ने पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। राज्य के 11 वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को मिड-करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP-IV) के तहत हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी भेजा जा रहा है। इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर प्रशिक्षण अवधि के दौरान वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी है।
गृह विभाग के मुताबिक, यह विशेष प्रशिक्षण 31 अगस्त से शुरू होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों को बदलते अपराध के स्वरूप, आधुनिक जांच तकनीकों, साइबर अपराध, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्र में और अधिक प्रशिक्षित करना है।
ये अधिकारी होंगे प्रशिक्षण में शामिल
प्रशिक्षण के लिए जिन अधिकारियों का चयन किया गया है, उनमें मनोज कुमार तिवारी (डीआईजी, मिथिला क्षेत्र), चंदन कुमार कुशवाहा (डीआईजी, तिरहुत), अनिल कुमार (डीआईजी, वित्त एवं तकनीकी सेवाएं), हर किशोर राय (डीआईजी, चंपारण), संजय कुमार सिंह (डीआईजी, अभियान), राजीव रंजन (डीआईजी, प्रोविजनिंग), सुशांत कुमार सरोज (डीआईजी, एटीएस), कुमार आशीष (आईजी, कोशी क्षेत्र), शैलेश कुमार सिन्हा (डीआईजी, बेगूसराय), रामाशंकर राम (डीआईजी, ईआरएसएस) और सुशील कुमार (डीआईजी, विधिक मामले एवं नियम) शामिल हैं।
प्रशिक्षण के दौरान भी नहीं प्रभावित होगी पुलिस व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति में पुलिस व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे, इसके लिए कई पदों पर अतिरिक्त प्रभार और अस्थायी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा के स्थान पर सत्यानाश कुमार भासे, जबकि चंपारण क्षेत्र के डीआईजी हर किशोर राय के स्थान पर इनामुल हक मेगनू को अस्थायी जिम्मेदारी दी गई है। अन्य पदों पर भी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की गई है।
आधुनिक पुलिसिंग को मिलेगा नया बल
राज्य सरकार का मानना है कि इस प्रशिक्षण के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने, नई तकनीकों को समझने और आधुनिक पुलिसिंग के सर्वोत्तम मॉडल अपनाने का अवसर मिलेगा। इससे बिहार पुलिस की कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दक्षता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।







