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गयाजी में 11वां आयुर्वेद दिवस! ‘आहार ही महाभेषज’ से Vision-2028 तक, देखें खास आयोजन

Gaya:  गया: करजरा स्थित स्वामी राघवेन्द्राचार्य त्रिदंडी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 11वें आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया गया. बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य चंदन कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया, जबकि संस्थान के सचिव स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य ने Vision-2028 का रोडमैप प्रस्तुत किया.
 
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Gaya: स्वामी राघवेन्द्राचार्य त्रिदंडी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, करजरा (गयाजी) के परिसर में 11वें आयुर्वेद दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वैचारिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। वक्ताओं ने आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीक से जोड़कर वैश्विक स्तर पर इसकी उपयोगिता बढ़ाने पर जोर दिया।

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आधुनिक शोध और तकनीक पर हुआ मंथन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य चंदन कुमार सिंह शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए आयुर्वेद के क्षेत्र में हो रहे आधुनिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को समकालीन साक्ष्य-आधारित अनुसंधान (Evidence-based Research) के साथ जोड़ना जरूरी है। इससे आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक क्षेत्र में और प्रभावी ढंग से स्थापित किया जा सकता है।

स्वर्ण जयंती को लेकर Vision-2028 का रोडमैप

संस्थान के सचिव स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य ने अपने संबोधन में संस्थान के आगामी Vision-2028 का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में संस्थान अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करेगा और इस अवसर पर स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने भावी वैद्यों और चिकित्सकों से आयुर्वेद के क्षेत्र में व्यापक सोच के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को केवल पूरक चिकित्सा पद्धति तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि कायचिकित्सा, शल्य, शालाक्य और पंचकर्म समेत सभी विभागों में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ प्रतिस्पर्धी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

आहार उत्सव में दिखी पारंपरिक व्यंजनों की झलक

आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के विषयगत ज्ञान और रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें आहार उत्सव, क्विज, स्लोगन लेखन, निबंध प्रतियोगिता और डिजिटल PPT प्रस्तुति प्रमुख रहीं।

आहार उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने ‘आहार ही महाभेषज है’ की अवधारणा को प्रदर्शित करते हुए स्वास्थ्यवर्धक, संतुलित और पारंपरिक पोषण से जुड़े विभिन्न व्यंजनों को प्रस्तुत किया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी सम्मानित

कार्यक्रम के अंतिम चरण में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, वरिष्ठ चिकित्सक, चिकित्सालय कर्मी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत धन्वंतरि वंदना के साथ हुई। आयोजन का समापन आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और संस्थान के विकास को लेकर नए संकल्पों के साथ हुआ।