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मिड-डे मील में करोड़ों का लापरवाही कांड: 22 हजार स्कूलों ने नहीं लौटाए 45,860 सिलेंडर, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

 
मिड-डे मील में करोड़ों का लापरवाही कांड: 22 हजार स्कूलों ने नहीं लौटाए 45,860 सिलेंडर, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

Bihar Government School Exclusive Report: बिहार के सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लाख प्रयासों के बावजूद एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। मिड-डे मील योजना के लिए उपलब्ध कराए गए करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य के व्यावसायिक गैस सिलेंडर पिछले दो वर्षों से स्कूलों में बिना उपयोग के पड़े हुए हैं। शिक्षा विभाग की निगरानी के बावजूद हजारों सिलेंडर लौटाने में स्कूलों की लापरवाही अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

दो साल से यूं ही पड़े हजारों गैस सिलेंडर

राज्य भर के सरकारी स्कूलों को मिड-डे मील बनाने के लिए 19 किलो वाले सिक्योरिटी-फ्री व्यावसायिक गैस सिलेंडर दिए गए थे। नियम था कि घरेलू गैस कनेक्शन मिलने के बाद इन सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसी को वापस करना था। लेकिन 22,838 सरकारी स्कूलों ने अब तक 45,860 सिलेंडर वापस नहीं किए हैं।

सबसे चिंताजनक स्थिति इन जिलों में है:
    •    मुजफ्फरपुर डिवीजन: 18,494 सिलेंडर वापसी नहीं
    •    पटना: 16,899 सिलेंडर लंबित
    •    बेगूसराय: 10,067 सिलेंडर स्कूलों के पास ही
यानी हज़ारों सिलेंडर बिना काम के धूल खा रहे हैं।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने जिलेवार सूची जारी कर मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय से इन सिलेंडरों की तत्काल वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।

कैसे शुरू हुआ यह मामला?

वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्कूलों में एलपीजी के उपयोग की मंजूरी मिली थी। इसके बाद मिड-डे मील योजना के तहत कंपनियों ने बिना सिक्योरिटी के व्यावसायिक सिलेंडर स्कूलों को उपलब्ध कराए।

20 अक्टूबर 2023 के बाद
स्कूलों को घरेलू गैस कनेक्शन जारी कर दिया गया और व्यावसायिक सिलेंडर अनुपयोगी होने लगे। यहीं से शुरू हुई लापरवाही—सैकड़ों स्कूल सिलेंडर वापस करने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।

डीपीओ को निर्देश—तुरंत लौटाएं सिलेंडर

मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिलों के डीपीओ (MDM) को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
    •    तत्काल सिलेंडर लौटाने की कार्रवाई शुरू करें
    •    प्रगति की नियमित रिपोर्ट मुख्यालय भेजें
    •    संबंधित एजेंसी के साथ समन्वय करके वापसी सुनिश्चित करें

स्पष्ट है कि विभाग अब इस मामले में सख्ती बरतने के मूड में है।

किस जिले में कितने सिलेंडर लौटाने बाकी?

कुछ प्रमुख जिलों की लंबित संख्या इस प्रकार है:
    •    पटना: 1,829
    •    मुजफ्फरपुर: 4,358
    •    भागलपुर: 777
    •    दरभंगा: 2,120
    •    बेगूसराय: 2,387
    •    कटिहार: 1,332
    •    सीतामढ़ी: 2,244
    •    मधुबनी: 2,324
    •    समस्तीपुर: 3,097
    •    रोहतास: 3,524
    •    प० चंपारण: 1,732
    •    गोपालगंज: 1,997
    •    सीवान: 1,781

कई छोटे जिलों में भी स्कूलों की संख्या कम होने के बावजूद सैकड़ों सिलेंडर वापस नहीं किए गए हैं—जो लापरवाही की गंभीर तस्वीर पेश करता है।