Movie prime

41 फैसलों से बदलेगा बिहार का चेहरा: नौकरियों, खेती और इंफ्रास्ट्रक्चर पर नीतीश सरकार का बड़ा दांव

 
41 फैसलों से बदलेगा बिहार का चेहरा: नौकरियों, खेती और इंफ्रास्ट्रक्चर पर नीतीश सरकार का बड़ा दांव

Bihar news: बिहार में रोजगार सृजन और विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में नीतीश कुमार सरकार ने एक साथ कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का फोकस साफ है—युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाना, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और विकास योजनाओं को जमीन पर असरदार तरीके से उतारना।

सरकार के इन निर्णयों से यह संकेत भी मिला है कि आने वाले समय में बिहार में सरकारी बहाली की रफ्तार तेज होगी। शिक्षा, कृषि, प्रशासन और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को नई ऊर्जा देने वाले माने जा रहे हैं।

खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी

कैबिनेट बैठक में कृषि विभाग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के 534 नए पद और पौध संरक्षण निरीक्षक के 160 पद सृजित करने की मंजूरी दी है। इस तरह कुल 694 पदों पर बहाली का रास्ता साफ हो गया है।
इन नियुक्तियों से न सिर्फ युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी, बल्कि किसानों को भी सीधा लाभ होगा। पौध संरक्षण निरीक्षकों की तैनाती से फसलों को कीट और रोगों से बचाने में मदद मिलेगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आमदनी में इजाफा होने की उम्मीद है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।

मुंबई में बनेगा ‘बिहार भवन’

कैबिनेट ने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में ‘बिहार भवन’ के निर्माण को भी हरी झंडी दे दी है। इसके लिए सरकार ने 314 करोड़ 20 लाख 59 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
मुंबई में बिहार भवन बनने से वहां रहने और काम करने वाले लाखों प्रवासी बिहारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। यह भवन सरकारी कामकाज, प्रशासनिक बैठकों और बिहार से जुड़े सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बनेगा, जिससे राज्य और प्रवासी बिहारियों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे को मिलेगी मजबूती

शिक्षा विभाग के तहत जन शिक्षा निदेशालय में भी विभिन्न स्तरों के 9 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मजबूत प्रशासनिक ढांचा जरूरी है।
इन पदों के सृजन से योजना निर्माण, मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को और धार मिलेगी, ताकि “सात निश्चय” जैसी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे।

कैबिनेट के ये 41 फैसले इस बात का संकेत हैं कि नीतीश सरकार विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधार को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में इन निर्णयों का असर बिहार की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर साफ दिखाई देने की उम्मीद है।