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44 वर्षों के शैक्षणिक कलंक का अंत: वित्त रहित शिक्षकों ने किया मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भव्य अभिनंदन, सीएम ने कहा- "हर हाल में लागू करूंगा वेतनमान"

 
44 वर्षों के शैक्षणिक कलंक का अंत: वित्त रहित शिक्षकों ने किया मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भव्य अभिनंदन, सीएम ने कहा- "हर हाल में लागू करूंगा वेतनमान"

Bihar News: बिहार में पिछले 44 वर्षों से चले आ रहे शैक्षणिक कलंक को समाप्त करने और वित्त रहित शिक्षाकर्मियों को वेतनमान देने के ऐतिहासिक निर्णय के उपलक्ष्य में रविवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक भव्य आभार सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। प्रो. नवल किशोर यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यभर के वित्त रहित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का नागरिक अभिनंदन किया।


​वेतनमान और शिक्षा सुधार पर सीएम का जोर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमारी जो वेतनमान की घोषणा है, उसे मैं जरूर लागू करूंगा। इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है ताकि शिक्षकों को कोई परेशानी न हो।"


​सीएम ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पहले दिन से ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा:
​बजट और अर्थव्यवस्था: विभाजन के बाद संयुक्त बिहार का 87% राजस्व झारखंड चला गया था। इसके बावजूद 2024 में बिहार का बजट झारखंड के मुकाबले दोगुना पेश किया गया।


​ब्रेन ड्रेन पर रोक: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का पैसा अब राज्य से बाहर नहीं जाएगा। सरकार ऐसी व्यवस्था बना रही है कि बच्चे यहीं बेहतर तालीम हासिल करें। कोटा में पढ़ाने वाले बिहारी शिक्षकों को वापस लाने की पहल की गई है।


​डिजिटल और महिला शिक्षा: राज्य में 1 लाख 42 हजार गरीब बच्चे पोर्टल के जरिए 24 घंटे पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'पढ़ें और बढ़ें' के तहत बिहार में एक 'महिला विश्वविद्यालय' खोलने की पहल की गई है, जिसके सभी पदों पर महिलाएं ही नियुक्त होंगी।


​शिक्षकों का बकाया: सरकार को शिक्षकों को लगभग 1700 करोड़ रुपये देने हैं, जिसमें से 461 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। एक माह के भीतर बड़े पैमाने पर असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली भी की गई है।


​प्रो. नवल किशोर बोले- ज्ञानपथ के गड्ढे भर रहे हैं सीएम
कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री को 'दिलों का सम्राट' बताते हुए कहा कि बिना मांगे शिक्षकों को जो वेतनमान दिया गया है, उसके लिए पूरा शिक्षक समाज आभारी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "निर्दोष शिक्षकों के नाम पर अपनी दुकान चलाने वाले अब अलर्ट हो जाएं, कोई भी अब शिक्षकों को ठग नहीं पाएगा।" उन्होंने कहा कि राजपथ पर तो बहुत काम हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री अब 'ज्ञानपथ' के गड्ढों को भरने का काम कर रहे हैं।
​शिक्षकों का आशीर्वाद फलता-फूलता है: अवधेश नारायण सिंह


बिहार विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह ने शिक्षकों को समाज का भाग्य विधाता बताते हुए कहा कि शिक्षक का आशीर्वाद हमेशा फलता-फूलता है। मुख्यमंत्री इस काम को और आगे लेकर जाएंगे।
​वहीं, विधान पार्षद नीरज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्राट अशोक की भूमि है जो सबको सुखी देखना चाहते थे। उसी राह पर चलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मानदेय की घोषणा कर नई क्रांति ला दी है। उन्होंने शिक्षकों से जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम करने की अपील की और प्रो. नवल किशोर यादव के कुशल नेतृत्व की सराहना की।


​इनकी रही प्रमुख उपस्थिति


इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का सफल मंच संचालन वाणिज्य कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुहेली मेहता ने किया। समारोह में विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह, प्रो. नवल किशोर यादव, विधान पार्षद सर्वेश कुमार, डॉ. वीरेन्द्र नारायण यादव, संजीव सिंह, पटना साहिब भाजपा विधायक रत्नेश कुशवाहा, जीवन कुमार और झाझा के पूर्व विधायक रविन्द्र यादव समेत कई गणमान्य लोग एवं हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।