बिहार के 8.27 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7-7 हजार की मदद, CM सम्राट चौधरी ने ट्रांसफर किए 579 करोड़
Bihar News: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक राहत का बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को आनुग्रहिक राहत वितरण कार्यक्रम के दौरान 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इस मद में कुल 579.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने मुख्यमंत्री के सामने बाढ़ की स्थिति, राहत-बचाव अभियान और प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
करीब 50 लाख लोग बाढ़ की चपेट में
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा बाढ़ की स्थिति सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण है और प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके मुताबिक राज्य के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत और 2,642 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
इसके अलावा 21 शहरों के 136 वार्ड भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। कुल मिलाकर करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का असर लगभग 55 हजार हेक्टेयर भूमि पर पड़ा है, जिससे फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
1,200 से ज्यादा सामुदायिक रसोई चालू
बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन की व्यवस्था के लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इन रसोइयों के जरिए अब तक करीब 1.28 करोड़ थालियां परोसी जा चुकी हैं।
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता लगातार बनी रहनी चाहिए। राहत एवं बचाव अभियान में NDRF और SDRF की 21 टीमें लगातार तैनात हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक राहत और सहायता का काम जारी रहेगा और प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
कोई पात्र परिवार राहत से न छूटे
मुख्यमंत्री ने राहत राशि के लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई पात्र परिवार अब तक राहत सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर सूची में जोड़ा जाए।
उन्होंने साफ कहा कि कोई भी पात्र बाढ़ प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अब राहत के साथ पुनर्निर्माण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहने और पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण का काम भी तेज करने को कहा। उन्होंने ‘Build Back Better Than Before’, यानी पहले से बेहतर तरीके से पुनर्निर्माण की नीति पर काम करने की बात कही।
उन्होंने निर्देश दिया कि करीब एक महीने के भीतर पुनर्प्राप्ति से जुड़े कार्य पूरे करने का प्रयास किया जाए। इसमें कृषि निवेश अनुदान, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और प्रभावित परिवारों व किसानों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराना शामिल है।
शिवराज सिंह चौहान के दौरे से पहले तैयार होगी नुकसान की रिपोर्ट
सम्राट चौधरी ने बाढ़ से हुए नुकसान का गंभीरता से आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों, किसानों और अन्य लोगों को नियमानुसार जल्द सहायता मिले, इसके लिए नुकसान का सही आंकलन जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावित दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ से हुए नुकसान की तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार रखी जाए और प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण किया जाए।
सभी विभागों के समन्वय से राहत अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सभी विभागों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ाया है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ तत्काल सहायता देना नहीं है, बल्कि प्रभावित इलाकों को जल्द सामान्य स्थिति में लाने के साथ-साथ उनका पहले से बेहतर पुनर्निर्माण करना भी है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार समेत कई विभागों के प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







