बिहार के 8.27 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिलेगी 7-7 हजार की मदद, आज खातों में पहुंचेगा पैसा
Bihar Flood News: बिहार में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। राज्य के 15 जिलों में लाखों लोग अब भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। इस बीच सरकार ने पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत देने का फैसला किया है। मंगलवार को 8 लाख 27 हजार 472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी।
इस मद में सरकार की ओर से कुल 579.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के आधार पर प्रभावित परिवारों को यह राशि अनुग्रह सहायता के तौर पर दी जा रही है।
15 जिलों में करीब 49 लाख लोग प्रभावित
बाढ़ का असर राज्य के 15 जिलों, 88 प्रखंडों और 575 ग्राम पंचायतों तक पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 49.36 लाख की आबादी बाढ़ से किसी न किसी रूप में प्रभावित है।
प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति को नदियों का बढ़ा जलस्तर और गंभीर बना रहा है। कई प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
कोसी खगड़िया और कटिहार में, बागमती मुजफ्फरपुर में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में और घाघरा सीवान में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। इसके कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राहत राशि
सरकार ने राहत राशि के लिए डीबीटी का रास्ता चुना है, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सहायता के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और पैसा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचे।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरत के मुताबिक राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
पहली बार 7 हजार रुपये की नकद सहायता
इस साल की बाढ़ में प्रभावित परिवारों को पहली बार 7 हजार रुपये की नकद सहायता दी जा रही है। मुश्किल दौर में मिलने वाली यह राशि लोगों को जरूरी सामान, भोजन और दूसरी तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।
बाढ़ का पानी भले ही कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा रहा हो, लेकिन सरकार की ओर से सीधे खातों में भेजी जा रही आर्थिक मदद प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत का जरिया बनने वाली है।







