8वां वेतन आयोग: मई-जून की अहम बैठकों में तय होगी कर्मचारियों की आर्थिक दिशा, संगठनों ने रखा न्यायसंगत वेतन ढांचे का मुद्दा
आयोग की अध्यक्षता कर रहीं जस्टिस रंजना प्रकाश द्विवेदी के नेतृत्व में हाल ही में दिल्ली और देहरादून समेत कई शहरों में बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने अपने सुझाव और मांगपत्र सौंपे। इन मांगों में वेतन संरचना में सुधार, पेंशन को अधिक सुरक्षित बनाना और सेवा शर्तों को मजबूत करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
अब आयोग दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां देशभर में व्यापक संवाद का सिलसिला शुरू होने वाला है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4-5 मई को पुणे, 18-19 मई को हैदराबाद, 31 मई से 4 जून तक श्रीनगर और 8 जून को लद्दाख में महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन होगा।
इन बैठकों को सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक नीति तय करने का अहम आधार समझा जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन ढांचा बढ़ती महंगाई के मुकाबले कमजोर पड़ चुका है, ऐसे में इस बार व्यापक और संतुलित सुधार की जरूरत है।
आयोग ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे अपने सुझाव तय समयसीमा के भीतर आधिकारिक पोर्टल पर जमा करें, ताकि अंतिम रिपोर्ट अधिक व्यावहारिक और समावेशी बन सके।







