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बोचहां में हार के बाद JDU ने साधा निशाना, पूर्व विधायक बोले- BJP हिंदु–मुस्लिम का खेल खेलने से हारी
 


बोचहां विधानसभा उपचुनाव का नतीजा सामने आ चुका है. बीजेपी की हार हुई है और आरजेडी ने इस सीट पर कब्जा जमा लिया है, बिहार विधान सभा चुनाव 2020 के बाद राज्य में दो दफे उप चुनाव हुए। 2021 में दो सीटों पर और 2022 में 1 सीट पर उप चुनाव संपन्न हुए। तीनों सीटें एनडीए की थी. इनमें से 2 जेडीयू की तो 1 सीट वीआईपी/ बीजेपी के खाते में थी. भाजपा की सहयोगी जेडीयू ने अपने खाते की दोनों सीटों को बचा लिया पर बीजेपी बोचहां को बचाने में चारो खाने चित्त हो गई. बिहार की इस इकलौती विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था लेकिन देश में जहां कहीं भी उपचुनाव हुए वहां बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा. 

देश के 4 राज्यों में हुए उपचुनावों के शनिवार को आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को जोरदार झटका लगा है. ये उपचुनाव पश्चिम बंगाल की एक लोकसभा सीट एवं महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ एवं बिहार की एक-एक विधानसभा सीटों पर हुए थे. बीजेपी इन उपचुनावों में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही, और सारी सीटें उसकी विरोधी पार्टियों के पाले में गई. महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में हुए उपचुनावों में जहां कांग्रेस ने बाजी मारी, वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवारों ने परचम लहराया.

ऐसे में अब जनता दल यूनाइटेड की तरफ से बीजेपी के ऊपर ही तीर चलाया गया है. बिहार के पूर्व विधायक और जेडीयू नेता महेश्वर प्रसाद यादव ने बीजेपी को इस हार के बाद जबरदस्त निशाना साधा है. पूर्व विधायक ने कहा है कि बीजेपी हिंदू और मुस्लिम को लेकर जो तनाव की राजनीति कर रही है उसी का परिणाम है कि उपचुनाव में मुंह की खानी पड़ी. देश के अंदर बेरोजगारी महंगाई और भ्रष्टाचार भी बढ़ा है और यही हाल रहा तो आने वाले चुनाव में बीजेपी को बड़ा सबक मिल जाएगा.

बोचहां में भाजपा प्रत्याशी के हार के बाद अब एनडीए में भी विरोध के स्वर उठने लगें हैं. पहला बयान जदयू से आया है. मुजफ्फरपुर जिला के गायघाट विधानसभा के जदयू नेता पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने बयान जारी कर कहा कि देश में चार जगहों पर हुए लोकसभा व विधानसभा उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों की हार देश की जनता में भाजपा के खिलाफ गुस्सा है. महेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि अगर समय रहतें भाजपा नेतृत्व ने सबक नहीं लिया तो अगामी लोकसभा चुनाव में भी इसी तरह के राजनीतिक स्थिति का सामना करना पड़ेगा.

माना जा रहा है कि जेडीयू नेता के द्वारा सीधे केन्द्र की मोदी सरकार पर बड़े हमले के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ना लाजमी है. क्योंकि हिंदू-मुस्लिम तनाव का माहौल व भ्रष्टाचार का आरोप इसबार विपक्ष ने नहीं बल्कि एनडीए के घटक जदयू ने लगाया है. जेडीयू नेता महेश्वर प्रसाद यादव  से पहले बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार के गलत चयन से बोचहां विधानसभा सीट पर उपचुनाव में NDA का नुकसान हुआ है. मांझी NDA का हिस्सा है. 

उन्होंने कहा कि भाजपा को इस हार से सीखना चाहिए. उन्होंने कहा, 'बोचहां विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा को अमर पासवान को अपना उम्मीदवार बनाना चाहिए था. मैं कहना चाहूंगा कि भाजपा द्वारा उम्मीदवार का गलत चयन उपचुनाव में राजग की हार का कारण है.' बता दें कि उपचुनाव में सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टी आरजेडी के बीच सीधा मुकाबला था. वीआईपी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में जुटी थी. लेकिन बोचहां की जनता ने मुसाफिर पासवान के पुत्र और राजद उम्मीदवार अमर पासवान को विधायक चुना. बोचहां विधानसभा सीट को लेकर एनडीए में बवंडर खड़ा हुआ और अब नतीजे भी सामने आ गए. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में कलह की वजह से सीट राजद के खेमे में चली गई. बड़े मतों के अंतर से एनडीए को हार का सामना करना पड़ा है.