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जद(यू) ने अपने फैसले को वापस लेने का लिया फैसला
 

करीब एक सप्ताह पहले जद(यू) के युवा प्रकोष्ठ ने अपने नव मनोनीत जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की सूची जारी की थी. इसको लेकर पार्टी के अंदर ही अंदर असंतोष के स्वर उठने लगे थे. इसको लेकर न्यूज़ हाट ने एक विशेष कार्यक्रम भी किया था. अब इस फैसले पर जद(यू) 'बैकफुट' पर आ गई है. जद(यू) ने अपने फैसले को वापस लेने का फैसला किया है. 

जद(यू) प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यालय आदेश जारी करते हुए लिखा है कि "प्रदेश युवा जदयू द्वारा जारी जिला अध्यक्षों एवं प्रदेश पदाधिकारियों की सूची को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि दल की नीति के अनुरूप सामाजिक एवं क्षेत्रीय संतुलन के अनुसार दस दिनों में नयी सूची प्रदेश कार्यालय को समर्पित करें" 

जद(यू) ने क्यों लिया अपने फैसले को वापस?

कार्यालय आदेश के अनुसार, "युवा जनता दल यूनाइटेड के जिला अध्यक्षों एवं प्रदेश पदाधिकारियों की जारी सूची की समीक्षा की गई है. समीक्षा के बाद यह पाया गया कि सूची में सामाजिक संतुलन, सांप्रदायिक संतुलन एवं क्षेत्रीय संतुलन का ख्याल नहीं रखा गया है. दोनों सूची में अति पिछड़े वर्ग, अनुसूचित वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय एवं महिलाओं पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है. समीक्षा के बाद प्रदेश युवा जनता दल यूनाइटेड द्वारा जारी जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश पदाधिकारियों की सूची को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है एवं प्रदेश युवा जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष को निर्देश दिया जाता है कि जनता के नीति के अनुरूप सामाजिक एवं क्षेत्रीय संतुलन के अनुसार 10 दिनों के अंदर सूची प्रदेश कार्यालय को समर्पित करें."

jdu