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तमाम 'असहमतियों' के बीच मांझी और भाजपा में बनी सहमति, मांझी ने किया धनखड़ के नाम का स्वागत
 

बिहार के पूर्वमुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने रविवार को ट्वीट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का स्वागत करती है. इसे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बयान जारी कर देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ के नाम की घोषणा करने के कदम का स्वागत करते हुए उन्हें समर्थन देने की बात शनिवार को कही थी. नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) भारतीय जनता पार्टी के बाद राजग का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है.

सीएम नीतीश कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ जी को एनडीए के उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने का स्वागत है. जदयू श्री जगदीप धनखड़ जी का समर्थन करेगा। उन्हें शुभकामनाएं."

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 जुलाई है और मतदान छह अगस्त को निर्धारित है. मौजूदा उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है. देश का उपराष्ट्रपति चुनने के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों-लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं. संसद में सदस्यों की मौजूदा संख्या 780 है, जिनमें से केवल भाजपा के 394 सांसद हैं. जीत के लिए कम से कम 391 मतों की आवश्यकता होगी. जद (यू) के लोकसभा में 16 सांसद, जबकि राज्यसभा में पांच सांसद हैं.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं जगदीप धनखड़: धनखड़ जुलाई 2019 में बंगाल के राज्यपाल बने. धनखड़ राजस्थान के रहने वाले हैं, किसान परिवार से हैं और जाट समुदाय से आते हैं. धनखड़ की उम्मीदवारी का एलान करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें 'किसान पुत्र' कहकर संबोधित किया. धनखड़ चौधरी देवीलाल के करीबी रहे हैं. वे वीपी सिंह के दौर में जनता दल में थे. खास बात यह है कि वे भाजपा या आरएसएस की मूल विचारधारा से नहीं आते, बल्कि किसान राजनीति से आते हैं.