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फुलवारीशरीफ माड्यूल की जांच अब करेगी NIA
 

पटना टेरर मॉड्यूल केस की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी है. गृह मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फुलवारीशरीफ माड्यूल की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराने का निर्देश जारी कर दिया है. जांच का जिम्मा मिलने के बाद सबसे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मामले की नई प्राथमिकी दर्ज करेगी.

पटना टेरर मॉड्यूल केस की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच  एजेंसी (NIA) को सौंप दी

आपको बता दें कि अभी तक फुलवारीशरीफ माड्यूल की जांच पटना पुलिस की एसआइटी संभाल रही थी जबकि एटीएस समेत कई सुरक्षा एजेंसियां जांच में सहयोग कर रही थीं. मामले का पर्दाफाश होने के बाद से ही एनआइए, रा और आइबी के अधिकारी लगातार पटना में कैंप कर रहे थे. अब एनआइए के पास जांच जाने के बाद दिल्ली से एनआइए के वरीय अधिकारियों की टीम के भी पटना पहुंचने की संभावना है. 

वैसे दूसरी तरफ फुलवारीशरीफ मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी अतहर परवेज, मोहम्मद जलालुद्दीन, अरमान मलिक के पास से करोड़ों की संपत्ति का पता चला है. सूत्रों के अनुसार, जमीन की दलाली कर इन लोगों ने करोड़ों रुपये कमाए हैं और करोड़ों रुपये का निवेश भी किया हैं. गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में अरमान मलिक ने खुद को एक स्कूल का मास्टर बताया था और अपने आय के साधन में 25 हजार रुपये हर महीने वेतन की बात कही थी, पर उसने करोड़ों रुपये का निवेश कर रखा है.

वहीं अतहर परवेज ने बताया था कि उसका एक एनजीओ है, जिससे वह हर महीने 20 से 25 हजार रुपये कमा लेता है. मोहम्मद जलालुद्दीन रिटायर्ड दरोगा है. उसने शुरुआती पूछताछ में बताया था कि पेंशन की राशि से जीवन चल रहा है, लेकिन इन लोगों के पास करोड़ों की संपत्ति है. अब इनकी संपत्ति की जांच भी शुरू हो गई है. इन लोगों ने देश विरोधी कार्यों से भी काफी कमाई की है. यह लोग पीएफआई से जुड़े हैं. जांच में यह भी पता चला है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में बिहार में पीएफआई का एक बड़ा कार्यक्रम होना था.