Movie prime

पटना विवि छात्रसंघ चुनाव सत्ता की शक्तियों का दुरुपयोग - आइसा

 

आइसा राज्य अध्यक्ष विकाश यादव ने कहा समूचे बिहार की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो चुकी है। पटना विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है, बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सत्ता में रहते हुए नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया। छात्रों में सरकार के प्रति विक्षोभ है आखिर किस आधार पर छात्रों ने सत्ताधारी छात्र संगठन को वोट किया। एक तरफ नितीश कुमार अपने आपको समाजवादी कहते हैं वहीं दूसरी तरफ छात्र जदयू छात्र संघ चुनाव में पानी की तरह पैसा बहाया। बिहार की उच्च शिक्षा को बर्बाद करने के बाद अब जदयू के छात्र राजनीति में अनैतिकता , धन बल, बाहुबल को बढ़ावा  दे रहा है।

AAISA

पटना विवि छात्रसंघ चुनाव में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है। काउंटिंग स्थल पर आइसा से उपाध्याय उम्मीदवार मनीला फुले के काउंटिंग एजेंट व आइसा  विश्वविद्यालय सचिव कुमार दिव्यम ने कहा है कि इस बार का छात्र संघ चुनाव में पार्दर्शिता का घोर अभाव रहा है। काउंटिंग स्थल पर मतगणना के दौरान बूथ के अनुसार बैलट बॉक्स को नहीं खोला गया था जबकि हमलोगों ने इसके ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाया लेकिन प्रशासन के दवाब में इनको अनदेखा कर दिया गया। साथ ही प्रति राउंड काउंट की सूचना को माइक से प्रेषित नहीं किया गया था।

आइसा की तरफ से अध्यक्ष प्रत्याशी आदित्य रंजन ने मतपेटियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान खुलेआम पैसे एवं बिरयानी बांटी जा रही थी लेकिन  विश्वविद्यालय प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।धनबल एवं बाहुबल का जोर भी खूब चला। काउंटिंग चार बजे से था लेकिन काउंटिंग 8 बजे शुरू हुआ और इसका वाजिब कारण भी नहीं बताया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रहा था। वोटों की गिनती भी ठीक ढंग से नहीं की गई। काउंटिंग प्रक्रिया में बूथ के अनुसार बैलेट बॉक्स को नहीं खोला गया जिससे यह पता ही नहीं कि प्रत्येक बूथ पर अलग-अलग प्रत्याशी को कितना वोट आया? काउंटिंग प्रकिया में प्रति राउंड माइक से सूचना प्रेषित नहीं किया गया। हमारी मांग है कि मतगणना प्रक्रिया एवं बैलेट बॉक्स की जांच हो।