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पटना में संयुक्त किसान मोर्चा सहित कई संगठनों का विरोध मार्च, कहा - किसानों से बदला लेने का एक और 'हथकंडा' है अग्निपथ योजना
 

संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान " अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध दिवस के अवसर पर पटना में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समनव्य समिति ,पटना के बैनर तले पटना के रेलवे स्टेशन गोलंबर पर दर्जनों किसान संगठन, मजदूर संगठन,छात्र नौजवान संगठन एवम महिला संगठन के सैंकड़ों लोग जमा हुए. फिर वहां से 12.30 बजे विरोध मार्च आयोजित करते हुए फ्रेजर रोड ,डाकबंगला होते हुए हिंदी भवन स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा. जहां जिलाधिकारी के प्रतिनिधि मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया.

जय जवान जय किसान" के नारे के साथ शुरू हुए इस विरोध मार्च के दौरान लोग गगन चुंबी नारे लगा रहे थे कि अग्निपथ योजना अविलंब वापस लो ! आंदोलनकारी छात्र नौजवानों पर पुलिस दमन बंद करो ! गिरफ्तार छात्र नौजवानों को बिना शर्त रिहा करो और उन पर लगाए गए मुकदमे वापस लो! अग्निपथ योजना के बहाने किसानों से बदला लेने कि कोशिश नही चलेगा ! देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना बंद करो ! अग्निपथ योजना के बहाने देश की सेना का संघीकरण नही चलेगा.

ज्ञापन सौंपने के बाद वहां एक सभा का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता व संचालन अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सह सचिव उमेश सिंह ने किया. अध्यक्षता के नाम का प्रस्ताव  नंदकिशोर सिंह ने किया,सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने सेना में भर्ती की नई अग्निपथ योजना के खिलाफ युवाओं के राष्ट्रव्यापी विरोध को अपना समर्थन घोषित करते हुए किसानों से आंदलन में उतरने का आह्वान किया है.  

विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील करते हुए नेताओं ने कहा कि यह योजना जवान-विरोधी, किसान-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी है. जब केंद्र सरकार “जय जवान जय किसान” के नारे की भावना को तहस-नहस करने पर तुली है, ऐसे में किसान आंदोलन का कर्तव्य है कि वह जवानों के साथ इस संघर्ष में कंधे से कंधा जोड़कर खड़ा होने कि अपील करते हुए कहा कि यह योजना न सिर्फ देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ भी खिलवाड़ है, और देश के किसान परिवारों के साथ भी धोखा है. 

नेताओं ने कहा कि इस देश का जवान वर्दीधारी किसान है. अधिकांश सैनिक किसान परिवार से हैं, सेना की नौकरी लाखों किसान परिवारों के मान और आर्थिक संबल से जुड़ी है. यह देश के लिए शर्म का विषय है की “वन रैंक वन पेंशन” के वादे के साथ पूर्व सैनिकों की रैली से अपना विजय अभियान शुरू करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब “नो रैंक नो पेंशन” की इस योजना को लाद दिया है. सेना में नियमित भर्ती में भारी कटौती उन किसान पुत्रों के साथ धोखा है जिन्होंने बरसों से फौज में सेवा करने का सपना संजोया था. यह संयोग नहीं है कि इस योजना में “ऑल इंडिया ऑल क्लास” के नियम से भर्ती करने पर उन सभी इलाकों से भर्ती में सबसे ज्यादा कटौती होगी जहां किसान आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया था. किसान आंदोलन के हाथों अपनी पराजय से तिलमिलाई हुई इस सरकार का किसानों से बदला उतारने का यह एक और हथकंडा है.

सभा को अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवसागर शर्मा और पटना जिला सचिव कृपा नारायण सिंह,अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा से नंदकिशोर सिंह, माकपा के वरिष्ठ नेता अरुण मिश्रा , बिहार राज्य किसान सभा ( जमाल रोड) से कॉम सोने लाल प्रसाद, जय किसान आंदोलन से  ऋषि आनंद, जल्ला किसान संघर्ष समिति से कॉम शंभू नाथ मेहता, प्रगतिशील किसान संघ के बाल गोबिंद सिंह, ए आई के के एम एस से सरोज कुमार सुमन, एन ए पी एम से उदयन चंद्र राय, सीटू से गणेश शंकर सिंह, ए आई सी सी टी यू से रणविजय कुमार, ए प वा से कॉम सरोज चौबे, आर वाई ए से कॉम विनय कुमार , ए आई एस ए से कॉम दिव्यम और नीरज , ए आई पी एफ से कॉम कमलेश शर्मा , आई एफ टी यू ( सर्वहारा) से राधे श्याम, पी डी वाई एफ से मंटू कुमार, नागरिक अधिकार मंच से रामनंदन प्रसाद आदि ने संबोधित किया.

सभा में कई पटना के गणमान व्यक्ति जैसे गालिब साहेब भी उपस्थित थे. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समनव्य समिति से जुड़े दर्जनों किसान संगठन के सैंकड़ों लोग के साथ महिला संगठन ए प वा ,छात्र व युवा संगठन ए आई एस ए और आर वाई ए से जुड़े दर्जनों लोग तथा ए आई सी सी टी यू , सीटू और आईएफटीयू जैसे मजदूर संगठन से भी दर्जनों लोग भाग ले रहे थे. कार्यक्रम में किसान महासभा के राज्य कार्यालय सचिव अविनाश पासवान, मधेश्वर शर्मा,कॉम मुन्ना चौहान ,कॉम राजेश कुमार गुप्ता ,कॉम सुरेंद्र दास आदि भी प्रमुख रूप से भाग ले रहे थे. अध्यक्षता और संचालन कर रहे उमेश सिंह के अध्यक्षीय भाषण और धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही सभा की समाप्ति हुई.