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ए. एन. कॉलेज पटना में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का किया गया आयोजन
 

ए. एन. कॉलेज,पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के द्वारा आयोजित  तथा डीएसटी सर्ब, सीएसआईआर के द्वारा समर्थित  दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का उद्घाटन आज शुक्रवार को महाविद्यालय के पुस्तकालय सभागार में किया गया। इस कॉन्फ्रेंस का विषय इलेक्ट्रॉनिक मैटेरियल्स एंड एप्लीकेशन है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार में मंत्री  अशोक चौधरी थे. 

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अशोक चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के आयोजन पर सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री आमतौर पर विभिन्न प्रकार के उपकरण अनुप्रयोगों में मुख्य तत्वों के रूप में उपयोग की जाती हैं. इस कॉन्फेंस में इलेक्ट्रॉनिक सामग्री से जुड़े कई आयाम पर विस्तृत चर्चा होगी. बिहार नये विचार और नवाचार की धरती रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में कई कार्य किए जा रहे हैं. बिहार में 60 नए आईटीआई और 44 पॉलीटेक्निक कॉलेज खोले जा रहे है. मेडिकल और अभियंत्रण के नए विश्वविद्यालय खोले गए है. मंत्री ने कहा कि ए. एन. कॉलेज एक विश्वविद्यालय के रूप में विकसित होने की क्षमता रखता है.

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कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो.तपन शांडिल्य, कुलपति,  डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची ने सेमिनार के  महत्वपूर्ण विषय को अर्थशास्त्र की दृष्टि से जोड़कर अपनी बातें रखी. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की औद्योगिक क्रांति ने दुनिया में उद्योगों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। विज्ञान और धन  के अन्तर्सम्बन्ध को स्पष्ट करते हुए एडम स्मिथ ने कहा था कि अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है। एक दौर था जब हमारे घर के ताखे पर बड़ा सा रेडियो रहता था जिसके माध्यम से हम दुनिया से जुड़ते थे, आज वहीं एक छोटे से चीप में अथाह डाटा सुरक्षित हो जाता है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.के.सिंह ने कहा कि कुलपति का पद ग्रहण करते ही अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस करना का प्रस्ताव रखा था. इस कॉन्फेंस के आयोजन लिए ए. एन. कॉलेज का चयन किया गया क्योंकि यहाँ शोध के क्षेत्र में  कई कार्य किए जा रहे हैं. कुलपति ने कहा कि अकादमिक विकास के लिए सिर्फ भवन निर्माण नही अपितु शोध और नवाचार पर बल देने की आवश्यकता है. कुलपति ने कहा कि सभी महाविद्यालयों को निरंतर सेमिनार तथा कॉन्फ्रेंस आयोजित करना चाहिए साथ ही सभी महाविद्यालयों को नैक के लिए भी आवेदन करना चाहिए. कुलपति ने कहा कि आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है. इलेक्ट्रॉनिक मटेरियल कम खर्च में बेहतर तकनीक प्रदान करता है साथ हीं इसके प्रयोग में संभवित खतरा भी कम रहता है.