महाचक में आस्था का महासंगम! शतचंडी महायज्ञ और भव्य शोभायात्रा ने रचा इतिहास, दिखी एकता की मिसाल
नौ दिनों तक चले इस महायज्ञ में हर दिन हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मंत्रोच्चारण, हवन की सुगंध और श्रद्धा से भरे वातावरण ने महाचक सहित आसपास के गांवों को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
नौ दिन तक चला भक्ति का महायज्ञ
महायज्ञ के दौरान सुबह से शाम तक धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा। दूर-दराज के गांवों से भी लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचे। यह आयोजन सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम बन गया।
रामनवमी पर निकली भव्य शोभायात्रा
महायज्ञ के समापन के साथ ही रामनवमी के दिन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव बेहद भव्य अंदाज में मनाया गया। महाचक से निकली विशाल शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, सजी-धजी झांकियां और “जय श्रीराम” के गूंजते नारे पूरे माहौल को भक्तिमय बना रहे थे।
यह यात्रा महाचक से शुरू होकर उपथू होते हुए सिद्ध शिवाला तक पहुंची, जहां इसका भव्य समापन हुआ।
सर्वधर्म समभाव की अनोखी मिसाल
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह दृश्य अपने आप में एक संदेश था कि आस्था के सामने सभी भेदभाव छोटे पड़ जाते हैं।
बिपिन सिंह का संदेश
इस मौके पर Bipin Singh ने कहा कि यह आयोजन समाज में प्रेम, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का माध्यम है।
उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। यह आयोजन हमारी ‘एकता में अनेकता’ की पहचान को और मजबूत करता है।”







