पटना में अतिक्रमण पर प्रशासन का वार: जनवरी भर चलेगा सख्त स्पेशल ड्राइव, दोबारा कब्जा किया तो FIR तय
Bihar news: पटना की सड़कों और फुटपाथों पर सालों से पसरे अतिक्रमण पर अब प्रशासन ने आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन SM के निर्देश पर राजधानी में अतिक्रमण हटाओ अभियान को एक बार फिर तेज कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी।
इस विशेष अभियान के लिए प्रशासन और पुलिस की 9 टीमें बनाई गई हैं, जो पूरे जनवरी महीने अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करेंगी। जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए चेतावनी दी है कि जो लोग हटाए जाने के बाद दोबारा अतिक्रमण करेंगे, उनके खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
अभियान के तहत जुर्माने की राशि भी तय कर दी गई है। अस्थायी अतिक्रमण करने पर 5 हजार रुपये तक और स्थायी अतिक्रमण पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही अतिक्रमण में इस्तेमाल किए गए सामान को भी जब्त किया जाएगा।
प्रशासन खास तौर पर अस्पतालों के आसपास सख्ती बरत रहा है। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, ताकि मरीजों और एंबुलेंस को परेशानी न हो।
यह अभियान मल्टी-एजेंसी मोड में चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली और पुलिस विभाग मिलकर कार्रवाई करेंगे। पटना नगर निगम के छह अंचलों के अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्र भी अभियान के दायरे में रहेंगे।
SDO और SDPO को अभियान की सीधी जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) पूरे अभियान की निगरानी करेंगे। कार्रवाई की रोजाना समीक्षा के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल भी बनाई गई है।
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मकसद राजधानी में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन और लोगों को जाम से राहत दिलाना है। 31 जनवरी तक चलने वाला यह अभियान अतिक्रमण करने वालों के लिए साफ संदेश है अब पटना में नियमों की अनदेखी महंगी पड़ेगी।







