मुजफ्फरपुर में परीक्षा से दो दिन पहले नहीं मिला एडमिट कार्ड, एमडीडीएम कॉलेज की छात्राएं
Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में बीआरएबीयू की स्नातक (यूजी) सेमेस्टर-4 की परीक्षा से ठीक दो दिन पहले शनिवार को छात्राओं का भारी आक्रोश देखने को मिला. एडमिट कार्ड नहीं मिलने से नाराज एमडीडीएम कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने मिठनपुरा मुख्य मार्ग को करीब एक घंटे तक जाम कर उग्र प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्राओं ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
यूजी सेमेस्टर-4 की परीक्षा 5 अक्टूबर से शुरू होनी है. छात्राओं को शनिवार को एडमिट कार्ड मिलने की सूचना दी गई थी. इसके बाद मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई दूर-दराज के इलाकों से छात्राएं कॉलेज पहुंची थीं. घंटों इंतजार के बाद भी एडमिट कार्ड न मिलने और कॉलेज प्रबंधन द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी न दिए जाने पर छात्राओं का गुस्सा भड़क गया. इसके बाद सभी छात्राएं मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं. प्रदर्शन कर रही छात्रा स्नेहा कुमारी ने बताया कि परीक्षा शुरू होने में महज दो दिन बचे हैं. एडमिट कार्ड लेने के लिए छात्राएं काफी दूर से कॉलेज पहुंची थीं, लेकिन यहां समय पर एडमिट कार्ड का वितरण नहीं किया गया. यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन की इस लापरवाही से छात्राओं में भारी नाराजगी है.
इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही मिठनपुरा थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने आक्रोशित छात्राओं को समझाने और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया. बाद में कॉलेज प्रशासन की ओर से त्वरित समाधान का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही छात्राएं सड़क से हटीं और मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका.
एमडीडीएम कॉलेज के कर्मी मधुसूदन कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर से ही एडमिट कार्ड देर से पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया था. इसके बाद इतनी बड़ी संख्या में एडमिट कार्ड की प्रिंटिंग और वेरिफिकेशन करने में थोड़ा समय लगा, जिसके कारण वितरण में देरी हुई. स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं से कक्षाओं में जाने और शांति बनाए रखने की अपील की. कॉलेज में दोपहर 3 बजे के बाद एडमिट कार्ड का वितरण सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया. कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, छात्राओं की सुविधा के लिए रविवार को भी एडमिट कार्ड काउंटर विशेष रूप से खुला रहेगा, ताकि 5 अक्टूबर से शुरू होने वाली परीक्षा में किसी भी छात्रा को कोई परेशानी न हो.







