बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को बड़ा झटका, प्रशांत किशोर के दो करीबी नेता भाजपा में शामिल
Bihar news: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले जन सुराज को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के दो प्रमुख नेता और वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे प्रो. केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया।
प्रो. केसी सिन्हा ने 2025 के विधानसभा चुनाव में कुम्हरार सीट से जन सुराज के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जबकि बिट्टू सिंह ने दीघा विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था। दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने को चुनाव से पहले जन सुराज के लिए बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है।
प्रो. केसी सिन्हा लंबे समय तक प्रशांत किशोर के करीबी सहयोगियों में गिने जाते रहे हैं। जन सुराज अभियान के शुरुआती दौर से ही उन्होंने संगठन निर्माण और जनसंवाद कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। शिक्षा जगत में भी उनकी अलग पहचान रही है। वे पटना विश्वविद्यालय से जुड़े एक कॉलेज के प्रधानाचार्य रह चुके हैं और बाद में नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव से पहले दो प्रमुख नेताओं का भाजपा में जाना जन सुराज के लिए मनोवैज्ञानिक और संगठनात्मक दोनों स्तर पर चुनौती पैदा कर सकता है। वहीं भाजपा इसे अपनी चुनावी रणनीति की मजबूती के तौर पर देख रही है।
गौरतलब है कि 30 जुलाई को होने वाला बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव इस बार बेहद हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। ऐसे में यह चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य और पार्टी के जनाधार की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई है। पिछले लगभग तीन दशकों से बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और उनके बाद नितिन नवीन ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। नितिन नवीन ने 2006 के उपचुनाव के बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर भाजपा की स्थिति और मजबूत की।
ऐसे में उपचुनाव से पहले जन सुराज के दो पूर्व उम्मीदवारों का भाजपा में शामिल होना चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है। अब सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।







