Newshaat_Logo

ओला-उबर और रैपिडो के एप से अब एंबुलेंस भी बुक होगी, ये 8 नियम लागू होंगे

बिहार में अब कैब और बाइक टैक्सी बुक करने वाले एप के जरिए मरीजों के लिए एंबुलेंस भी बुक की जा सकेगी। इसके लिए राज्य के परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है। 
 
एंबुलेंस

बिहार में अब कैब और बाइक टैक्सी बुक करने वाले एप के जरिए मरीजों के लिए एंबुलेंस भी बुक की जा सकेगी। इसके लिए राज्य के परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने ओला, उबर, रैपिडो और सवारी मिथिला जैसी एप आधारित कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर एंबुलेंस सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है। कंपनियों को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर कार्ययोजना तैयार कर विभाग को सौंपनी होगी।

दरअसल, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता आसान बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। अगर यह योजना लागू होती है, तो लोगों को मोबाइल एप के जरिए एंबुलेंस बुक करने की सुविधा मिल सकेगी। इससे जरूरत के समय एंबुलेंस खोजने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है।

शुक्रवार को परिवहन सचिव राज कुमार की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में एप आधारित परिवहन सेवाएं देने वाली कंपनियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग ने कंपनियों से कहा कि उन्हें निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करते हुए अपनी सेवाओं का संचालन करना होगा।

बैठक के दौरान कंपनियों को आठ जरूरी शर्तें पूरी करने का निर्देश दिया गया। हालांकि, इन आठ शर्तों का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है। कंपनियों को एक सप्ताह में अपनी कार्ययोजना तैयार करनी है, जिसके आधार पर एंबुलेंस सेवा शुरू करने की आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है।

परिवहन सचिव राज कुमार ने स्पष्ट किया कि एप आधारित परिवहन सेवाएं नियमों के दायरे में ही संचालित होंगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइवरों की सुविधा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

ये 8 नियम लागू होंगे

बाइक की तरह एंबुलेंस की बुकिंग होगी।

अंग्रेजी के साथ हिंदी भाषा की सुविधा मिलेगी।

परेशानी आने पर ड्राइवरों की बात सुनने के लिए फोन हेल्पलाइन होगी।

बुकिंग स्वीकार करने के लिए ड्राइवरों को 2 के बजाय 10 सेकंड का समय मिलेगा।

रात के किराया और बुकिंग कैंसिल करने के चार्ज के नियम साफ-साफ बताने होंगे।

बिना ठोस वजह और बिना ड्राइवर का पक्ष सुने उसकी आईडी ब्लॉक नहीं की जाएगी।

प्राइवेट नंबर वाली गाड़ियां एप पर नहीं चलेंगी। व्यावसायिक गाड़ियां ही जुड़ेंगी।

कंपनियों को बिहार में अपना ऑफिस खोलना होगा और पटना एयरपोर्ट पर पार्किंग के लिए एमओयू करना होगा।