बांकीपुर उपचुनाव के लिए सुरक्षा का अभेद्य घेरा! 24 चेकपोस्ट, 3 हजार कर्मियों की तैनाती, 422 बूथों पर होगी वोटिंग
Newshaat Desk: राजधानी की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इस उपचुनाव में 422 मतदान केंद्रों पर करीब 3.79 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनावी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए लगभग 3,000 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
शहरभर में 24 चेकपोस्ट, हर वाहन की होगी जांच
उपचुनाव के मद्देनजर पटना पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। शहर के 24 प्रमुख स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस की विशेष नजर नकदी, शराब, अवैध हथियार और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
छह थाना क्षेत्रों में हाई अलर्ट
प्रशासन ने कोतवाली, गांधी मैदान, पीरबहोर, कदमकुआं, बुद्धा कॉलोनी और एसकेपुरी थाना क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा है। सदर डीएसपी-2 राजेश रंजन ने बताया कि सभी थानाध्यक्षों को होटल, लॉज और अन्य संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही रात में लगातार छापेमारी अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू
चुनावी तैयारियों के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में समाहरणालय सभागार में विभिन्न कोषांगों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि इसके बाद मतदान कर्मियों को चुनावी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव प्रचार के लिए सख्त नियम
जिला प्रशासन ने चुनाव प्रचार को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसी भी उम्मीदवार को सभा, रैली या जुलूस निकालने से पहले प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। वहीं सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थलों और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक
चुनाव के दौरान धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। साथ ही हथियारों के प्रदर्शन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पोस्टर और पर्चे छापने वाले प्रकाशकों को मुद्रक और प्रकाशक का नाम-पता दर्ज करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर छह महीने तक की जेल, जुर्माना और प्रेस का लाइसेंस रद्द किए जाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रशासन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। ऐसे में चुनावी सरगर्मियों के बीच अब सभी की नजर 30 जुलाई की वोटिंग और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है।







