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बिहार में आंगनबाड़ी व्यवस्था को मिलेगा नया दम: मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने योजनाओं की समीक्षा में दिए बड़े निर्देश

 
बिहार में आंगनबाड़ी व्यवस्था को मिलेगा नया दम: मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने योजनाओं की समीक्षा में दिए बड़े निर्देश
Bihar News: पटना में समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण योजनाओं और स्कूल पूर्व शिक्षा को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं। बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने की, जिसमें राज्यभर में संचालित ICDS योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि बिहार में इस समय 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरी बालिकाओं को पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और स्कूल पूर्व शिक्षा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

‘सक्षम आंगनबाड़ी’ मॉडल पर सरकार का जोर

राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि केंद्रों पर पोषण वाटिका, स्वच्छ पेयजल, बाला पेंटिंग, ECCE लर्निंग मटेरियल, LED सुविधा और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

सरकार की ओर से बच्चों को सप्ताह में दो दिन सुधा दूध और अंडा या मूंगफली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी लागू है। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को LPG सुविधा से जोड़कर धुआं मुक्त बनाया गया है।

पोषण अभियान में बिहार बना नंबर-1

बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि “राष्ट्रीय पोषण माह 2025” और “राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026” के सफल आयोजन में बिहार ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है।

इसके अलावा “आधारशिला”, “नवचेतना” और किशोरी बालिका योजना (SAG) के जरिए बच्चों की शुरुआती शिक्षा और किशोरियों के कौशल विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

किराये के भवनों से सरकारी परिसरों में होंगे शिफ्ट केंद्र

मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले एक वर्ष के भीतर आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों को अधिक से अधिक सरकारी भवनों और विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज की जाए।

उन्होंने सेविका और सहायिका के मानदेय भुगतान में तेजी लाने तथा लंबित मामलों के जल्द निपटारे के भी निर्देश दिए।

कामकाजी महिलाओं और गर्भवती महिलाओं पर विशेष फोकस

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और आंगनवाड़ी-सह-क्रेच योजना की भी समीक्षा की गई। सरकार ने कहा कि इन योजनाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता और कामकाजी महिलाओं के बच्चों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक के बाद मंत्री और विभाग के अपर मुख्य सचिव ने ICDS निदेशालय का दौरा कर विभिन्न शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।