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बांकीपुर उपचुनाव: आज बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक ‘बंटी’ भरेंगे नामांकन, RJD-जन सुराज भी मैदान में; सियासी मुकाबला हुआ दिलचस्प

बीजेपी करेगी शक्ति प्रदर्शन, नितिन नवीन रहेंगे मौजूद; 11 जुलाई को नामांकन दाखिल करेंगे प्रशांत किशोर, जन सुराज को लगा झटका
 
बांकीपुर उपचुनाव: आज बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक ‘बंटी’ भरेंगे नामांकन, RJD-जन सुराज भी मैदान में; सियासी मुकाबला हुआ दिलचस्प

Political News: पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के बीच सभी प्रमुख दल अपनी ताकत दिखाने में जुट गए हैं। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार अभिषेक कुमार ‘बंटी’ नामांकन दाखिल करेंगे। पार्टी ने इसे बड़े शक्ति प्रदर्शन का रूप देने की तैयारी की है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस मौके पर पटना पहुंचेंगे और नामांकन कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएंगे। नामांकन से पहले अभिषेक कुमार महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वह समाहरणालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे और समर्थकों को संबोधित करेंगे।

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा कुमारी गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा है। वह भी गुरुवार को समाहरणालय में अपना नामांकन दाखिल करेंगी। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी को लेकर महागठबंधन के भीतर असहमति की चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर कांग्रेस की नाराजगी की भी चर्चा हो रही है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है। उपचुनाव के लिए 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी।

इधर, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर 11 जुलाई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वह लगातार पदयात्रा और जनसंपर्क अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने वार्ड 35 और 29 में जनसंपर्क किया तथा चिरैयाटांड़ दुर्गा मंदिर से पदयात्रा की शुरुआत की।

हालांकि, चुनावी माहौल के बीच जन सुराज को एक झटका भी लगा है। पार्टी नेता बिट्टू सिंह ने इस्तीफा देकर बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने की भी घोषणा की है।

बांकीपुर का उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रमुख राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत, रणनीति और जनाधार की बड़ी परीक्षा बन चुका है। सभी की निगाहें अब नामांकन प्रक्रिया के बाद तेज होने वाले चुनाव प्रचार और 30 जुलाई को होने वाले मतदान पर टिकी हैं।