बांकीपुर उपचुनावः प्रशांत किशोर के लिए कांग्रेस ने शुरू की फिल्डिंग, राजद से भी मिल सकता है समर्थन
Bihar News: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर से जन सुराज नेता प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की चर्चा है. पटना की यह सीट बीजेपी की गढ़ कही जाती है. यहां बीते कई सालों से बीजेपी लगातार जीतती रही है. अभी नितिन नवीन के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा जाने के बाद यहां उपचुनाव होना है.
बांकीपुर उपचुनाव के लिए सभी दलें अपनी-अपनी तैयारियों में जुटी है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जनसुराज नेता प्रशांत किशोर को लेकर है. पिछले साल बिहार चुनाव में जबरदस्त चर्चा के केंद्र में रहे प्रशांत किशोर बांकीपुर से उपचुनाव लड़ सकते हैं. इसकी आधाकारिक घोषणा आज की जा सकती है.
इस बीच कांग्रेस ने प्रशांत किशोर के लिए बड़ी घोषणा की है. बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने कहा कि बीजेपी के गढ़ रहे बांकीपुर में चुनौती देने के लिए विपक्ष को सिंगल कैडिडेंट उतारना चाहिए. यदि प्रशांत किशोर वहां से चुनाव लड़ने जा रहे हैं तो उन्हें कांग्रेस के हाईकमान से, राजद के हाईकमान से बात करनी चाहिए. यहां बीजेपी को चुनौती देने के लिए हम सभी विपक्षी दलों को मिलकर एक उम्मीदवार उतारना चाहिए. यदि प्रशांत किशोर को लड़ रहे हैं तो हम सभी विपक्षी दलों को उनकी मदद करनी चाहिए.
मालूम हो कि बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने को लेकर जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बीते दिनों कहा, "जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है. पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद 5 जुलाई को इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी. भाजपा के कुशासन से परेशान बांकीपुर के लोग प्रशांत किशोर को यहां से चुनाव लड़ते देखने की मांग कर रहे हैं. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी हमारे चुनाव अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर के प्रति यही भावना रखते हैं."
बांकीपुर का यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं होगा. यह भाजपा की साख, प्रशांत किशोर की राजनीतिक विश्वसनीयता और जन सुराज के भविष्य की पहली बड़ी परीक्षा होगी. अब सबकी नजर 4 जुलाई को होने वाली जन सुराज की बैठक और 5 जुलाई की घोषणा पर है. अगर प्रशांत किशोर के नाम का ऐलान होता है, तो बांकीपुर का उपचुनाव बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा मुकाबला बन जाएगा.







