बाढ़ और सुखाड़ से निपटने को बेगूसराय तैयार, मंत्री रामकृपाल यादव ने तैयारियों की ली समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों का आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से जिले के आठ अंचल प्रभावित हुए थे, जिससे लगभग 3.46 लाख लोग और 31 हजार से अधिक पशु प्रभावित हुए थे। राहत कार्यों के तहत नाव संचालन, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य शिविर और राहत सामग्री वितरण जैसे कदम उठाए गए थे। साथ ही करीब 89 हजार प्रभावित परिवारों को 62 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई थी।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी 20 तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है। संवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं की तैनाती की गई है और कटावरोधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए 24 घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है तथा सभी पंचायतों में स्वचालित वर्षामापी यंत्रों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
राहत एवं पुनर्वास की तैयारियों के तहत जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 बाढ़ राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 18 हेलीपैड भी तैयार रखे गए हैं। बचाव कार्यों के लिए 245 नावें, 92 प्रशिक्षित गोताखोर और 100 खोज एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने 60 चिकित्सा दलों का गठन किया है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश निरोधी दवाओं, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट समेत आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है। वहीं पशुपालन विभाग ने पशुओं के उपचार, टीकाकरण और चारा आपूर्ति की विशेष व्यवस्था की है।
बैठक में संभावित सुखाड़ की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना तैयार करते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए लक्ष्य हासिल किया जा चुका है, जबकि बंद पड़े राजकीय नलकूपों को चालू करने की प्रक्रिया जारी है।
समीक्षा के दौरान मंत्री रामकृपाल यादव ने अधिकारियों को तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने, महाजाल और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।







