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'भरत तिवारी' वाले वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें, बिहार पुलिस ने सिपाही को किया सस्पेंड

Motihari: प्राथमिक जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उसने आपत्तिजनक और अनुशासनहीन टिप्पणी की थी. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित सिपाही के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए.
 
BIHAR

Motihari: सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में खुद को "भरत तिवारी का बदला लेने वाला" बताने के मामले में बिहार पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. वायरल वीडियो की जांच के बाद मोतिहारी में तैनात एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है. मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

Motihari News: 'भरत तिवारी का बदला लेने' वाले वायरल वीडियो पर सिपाही सस्पेंड

प्राथमिक जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें उसने आपत्तिजनक और अनुशासनहीन टिप्पणी की थी. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित सिपाही के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए. वीडियो में कथित तौर पर बदला लेने जैसी बातें सामने आने के बाद मोतिहारी जिला बल में तैनात सिपाही आशीष कुमार तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

भरत तिवारी के मोबाइल में छिपा है कौन सा राज? एनकाउंटर से पहले का वीडियो  वायरल, उठ रहे सवाल - Bharat Tiwari video viral before encounter evidence on  mobile want to save

एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सिपाही आशीष कुमार तिवारी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 का गंभीर उल्लंघन किया है.

पुलिस उपाधीक्षक (शिक्षा), पुलिस केंद्र मोतिहारी की जांच रिपोर्ट में उनके आचरण को अनुशासनहीनता, मनमानी और सरकारी सेवक के अनुरूप नहीं पाया गया. जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया. इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई.

पुलिस विभाग ने दिया सख्त संदेश

पुलिस विभाग का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना स्वीकार्य नहीं है. इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की अनुशासन संबंधी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है. बिलौटी कांड के बाद वायरल वीडियो पर हुई इस कार्रवाई की पूरे पुलिस महकमे में चर्चा है.